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पोल्ट्री फार्म के नियम – 2022 में मुर्गी पालन के लिए नियमों का पालन

पोल्ट्री फार्म के नियम – मुर्गी पालन या पोल्ट्री फार्म को शुरू करना और उसको एक बिजनेस का रूप देना एक मेहनत का काम होता हैं. दोस्तों, पोल्ट्री फार्म से जो अंडे निकलते हैं या जिन चूजों, मुर्गियों को उपयोग के लिए निर्यात किया जाता हैं. इस निर्यातित सामान लाखो लोग खाने के उपयोग में लाते हैं, इसलिए यह एक खाद्य व्यापार हैं. तो आपको पोल्ट्री फार्म के नियम अच्छी तरह से मालूम होने चाहिए.

पोल्ट्री फार्म के नियम(poultry farm rules in Hindi)

पोल्ट्री फार्म शुरू करने से पहले आपको पोल्ट्री फार्म के नियम के नियम को अच्छे से जान लेना चाहिए. ताकि आपसे कोई एसी गड़बड़ ना हो जाये की बाद में आपको इसे बंद करना पड़ें.  

एक बड़े पोल्ट्री फार्म से अमोनिया वातावरण में मिलती रहती है. इसके अलावा दूषित हवा, ठोस अपशिष्ट(खाद, मृत पक्षी और हैचरी अपशिष्ट) वातावरण में मिलते रहते हैं. इससे  बड़ी मात्रा में मक्खियाँ पैदा होती हैं, जो ईको सिस्टम या आम आदमी की जिंदगी को प्रभावित करती है.  

 हाल ही में जारी किये गए पोल्ट्री फार्म के नियम के अनुसार भारत के सभी बड़े और छोटे पोल्ट्री फार्मर्स को पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपाय करने होगे.

 छोटा पोल्ट्री किसान –  5,000-25,000 मुर्गियां हैं वे छोटे किसान हैं.

अध्यम पोल्ट्री किसान – जिनके पास 25,000 से अधिक और 1,00,000 से कम मुर्गियां हैं वे मध्यम किसान हैं.

बड़ा पोल्ट्री किसान – जिनके पास 1,00,000 से अधिक मुर्गियां हैं, वे बड़े किसान हैं.

  • पोल्ट्री फार्म को पर्यावरण के अनुकूल रखे

पहले पोल्ट्री फार्म को पर्यावरण के नियमों से छुट दी गयी थी. भारत में ज्यादातर आर्थिक रूप से पिछड़े किसान अपने दैनिक जीवन के उपभोग के लिए पक्षियों को रखते हैं. इनमे से कुछ किसान हैं जो इनको वणिज्यिक बिक्री के लिए भी रखते हैं.  

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 2015 के अपने दिशानिर्देशों मेंमुर्गी पालन को हैचरी, और सुअर पालन को ‘ग्रीन’ कहा था. इसका सीधा अर्थ हैं कि इनके पालन पर हवा, पानी और पर्यावरण के संरक्षण के नियमों और कनुनों से छुट दी गयी थी.

2017 में इस पर विचार करने के बाद अब जितने नियमों का पालन एक लाख मुर्गी फार्म करते हैं, उतने ही 5000 मुर्गी फार्म को करने पड़ेगे.  

  • सञ्चालन के लिए सहमति और लाइसेंस ले

 इस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 16 सितंबर, 2020 को अपने आदेश में कहा कि: 5000 मुर्गियों से अधिक पोल्ट्री फार्म को स्थापित करने के लिए अनापति फार्म की आवश्यकता होती हैं. इस लाइसेंस का लेने का मकसद यह होता हैं की आप किसी को किसी तरह से disturb नहीं कर रहे हैं.  इसके अलावा पर्यावरण प्रदुषण विभाग से NOC लेना पड़ता हैं. अगर आपका फार्म जल प्रदुषण ओ बढ़ावा देता हैं, तो इसक noc अलग मिलेगा और वायु प्रदुषण के लिए अलग मिलेगा. इसके साथ आपको विद्युत विभाग से मीटर के अनुसार रजिस्टर करवाना होता हैं.   

Noc को जल अधिनियम को 1974 और वायु अधिनियम को 1981, के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या समिति से लेना होता हैं. इसकी अनुमति 15 साल के लिए मान्य होती हैं.

  •  पोल्ट्री फार्म हवादार होना चाहिए

पोल्ट्री फार्मिंग में गैसीय उत्सर्जन और कचरा एक बड़ी समस्या है. पोल्ट्री पक्षियों के मल से गैसीय अमोनिया, हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन उत्सर्जित होती हैं, ये सभी गंध पैदा करते हैं. इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता हैं. इस गंध से फार्म काम करने वाले को स्वास्थ्य समस्या हो सकती हैं.

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि पक्षियों से होने वाले गैसीय प्रदूषण को कम करने के लिए पोल्ट्री फार्म में हवादार कमरा होना चाहिए. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि कुक्कुट का मल बहते पानी या किसी अन्य कीटनाशक के साथ न मिल जाए. इसलिए पोल्ट्री फार्म का डिजाईन सही ढंग से करनी चाहिए. आप मुर्गी को दफ़नाने का स्तर जमीन से तीन फीट की ऊंचाई पर रखे.

पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना, दफनाने के माध्यम से मरने वाले पक्षियों को दैनिक रूप से हटाने पर भी जोर दिया गया है। दफन भूमि जल स्तर से तीन मीटर ऊपर किया जाना चाहिए।

  • गेटेड चैंबर का इस्तेमाल करे

फार्म में मक्खियों का प्रवेश होने से रोके, इसके लिए गेटेड चैंबर का प्रयोग कर सकते है. दानो की मिक्सिंग करते वक्त दानों को कमरे को बंद रखे और फीडिंग के वक्त फार्म में मखियों के प्रवेश को रोकने के लिए उचित फिनायल का छिडकाव करें.

  • शहर या आवासीय इलाकों से दूर स्थापित करें

मुर्गी फार्म या शेड को आवासीय क्षेत्र से 500 मीटर, नदियों, झीलों, नहरों और पेयजल स्रोतों से 100 मीटर, राष्ट्रीय राजमार्गों से 100 मीटर और गाँव के फुटपाथों और ग्रामीण सड़कों से 10-15 मीटर की दूरी पर स्थापित किया जाना चाहिए.

अगर कोई इन नियमों का पालन नहीं करता हैं तो पशुपालन विभाग फार्म पर कोई एक्शन ले सकता हैं.

20 पोल्ट्री फार्म नियम – किन बातों का ध्यान रखे

चलिए अब हम आपके साथ 20  मुर्गी या पोल्ट्री फार्म के नियम(poultry farm rules and regulations in Hindi) बताने वाले हैं. अगर आप मुर्गी फार्म खोलने वाले है या पहले से कोई मुर्गी फार्म चला रहे हैं तो भी आपको इन नियमों को जानना चाहिए.  तो जानते हैं की क्या हैं पोल्ट्री फार्म के नियम -:

  • मुर्गी पालन के लिए ट्रेनिंग ले

पोल्ट्री फार्म शुरू करने के लिए सबसे पहला कदम कुछ बढ़िया ट्रेनिंग लेना है. किसी भरोसेमंद कृषि संस्थान से उचित प्रशिक्षण के बिना पोल्ट्री फार्म व्यवसाय संचालित करने में जल्दबाजी न करें. मुर्गी पालन एक नाजुक व्यवसाय हैं, इसमें आप जीवित पक्षियों के साथ कामा करने वाले हैं.

अगर आप बिना कोई ट्रेनिगं लिए यह बिजनेस शुरू करते हैं तो, बहुत जल्द यह महंगा साबित हो सकता हैं. जब आपको पता ही नहीं होगा की कब चूजों को खिलाना हैं, कब उनको पानी देना हैं, और कोंनसी बीमारी में कोनसा टिका लगता हैं. तो आपके बहुत सारे चुजें मर सकते हैं.

इसलिए बेहतर होगा कि आप पहले प्रशिक्षण ले और उसके बाद में यह बिजनेस शुरू करें.

  कई पोल्ट्री फार्म ट्रेनिंग लिए कोर्स चलाती हैं. या आप कृषि सेंटर से भी ट्रेनिंग ले सकते हैं.

  • मुर्गी पालन के लिए अपना लक्ष्य चुने

मुर्गी पालन से या तो आप अंडे बेच सकते हैं, या चिकन के लिए अंडे बेच सकते हैं, तो आप दो प्रकार की फार्मिंग में से चुन सकते हैं – ब्रॉयलर और लेयर्स.

शुरुआत में कोई एक फील्ड पकड़े, अगर आप एक से ज्यादा क्षेत्रों को पकड़ते हैं तो, आपको दिक्कत हो सकती हैं या परेशानियों को झेलना पड़ सकता हैं.   

दूसरा तरीका – आप मार्किट की रिसर्च कर सकते हैं. अगर मुर्गियों को खरीदने वाले कम हो तो आपका बिजनेस बहुत ज्यादा फलेगा फूलेगा नहीं.

  • सही प्रकार के पक्षी चुने

बाज़ार में अनेक प्रकार के पक्षी मिलते हैं. हालाँकि आजकल बढ़िया से बढ़िया चूजे मिल जाते हैं जो किसी भी मौसम में रह सकते हैं. लेकिन फिर भी उनमे कुछ कमियां रह जाती हैं. इसलिए बेहतर होगा कि आप उन प्रजाति को पाले जो आपके इलाकें में बेहतर रूप से फलते फूलते हैं.

  • एक बेहतर फार्म को डिजाईन करें

 मुर्गी फार्म में एक शेड, गोदाम, मेनेजर रूम, लेबर रूम, जेनरेट रूम इत्यादि को एक बेहतर तरीकें से बनाया जाता हैं. मुर्गियों को एक नियत तापमान तक रोकने के लिए शेड को अलग अलग टेक्नोलॉजी लगायी जाती हैं.  

इसलिए अपने काम को आसान बनाने के लिए एक बढ़िया ढांचा का डिजाईन करवाए.

मुर्गी फार्म बनाने का नक्शा – आधुनिक पोल्ट्री फार्म

  • अपना फार्म का लोगो बनाएं

आप एक बिजेनस शुरू करने वाले हैं. तो आपके पास खुद का एक यूनिक नाम होना चाहिए, ताकि उसको एक पहचान मिल सके. एक एसा नाम रकेह जो आपके बिजनेस से भावनात्मक रूप से जुड़ा हो. ताकि, आपको मार्केटिंग में आसानी रहे.

  • फार्म के लिए एक लोकेशन चुने

आपको अपने पोल्ट्री फार्म को सबसे उपयुक्त स्थान पर स्थापित करने के बारे में सोचना चाहिए. चयनित लोकेशन पर सभी आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए अपने पोल्ट्री फार्म व्यवसाय को शहर से थोड़ी दूर बनाने की कोशिश करें ताकि आपको सस्ती कीमत पर जमीन और लेबर श्रम मिल सके.

अगर शहर से ज्यादा दूर हैं तो, आपको परिवहन के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता हैं.  

 सही लोकेशन से आप अपनी इनकम में आठ प्रतिशत का इजाफा कर सकते हैं.

आपके पास एक योजना होनी चाहिए

पोल्ट्री फार्म के नियम -: अगर आप अपने बिजनेस के पांच वर्षो की रूप रेखा तय कर लेते हैं तो, आपको बहुत ज्यादा फायदा होता हैं. आपकी योजना एक छवि हैं, जो आपको हर अगले कदम पर गाइड करने का काम करती हैं.  

मुर्गी पालन के लिए एक योजना में आप आगामी वर्षों में कितनी मुर्गियां बढ़ाना चाहते हैं, आप अपनी आय में कितनी वृद्धि चाहते हैं, या आप कोई और बिजेनस को शामिल करना चाहते हैं तो इनको एक साथ प्लान बनाकर रख ले.  

दूसरा और महत्वपूर्ण फायदा यह हैं की आपको एक बेहतर निवेश के बारे में राय मिल जाती हैं.

  • मुर्गी पालन के लिए लोन ले

पोल्ट्री फार्म बिजेनस शुरू करना आर्थिक रूप से आसान नहीं है क्योंकि आपको शुरुआत में ही आम तौर पर बड़ी मात्रा में धन की आवश्यकता होती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि आपको एक प्लाट और जरूरी उपकरण खरीदने होते हैं. साथ ही, मजदूरों के वेतन आदि के भुगतान के लिए धन की लगातार आपूर्ति भी होनी चाहिए.

तो, अपना पोल्ट्री फार्म व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण के लिए आवेदन करें. पता करें कि आपकी लोकल सरकार इस क्षेत्र में किस प्रकार के लोन देती हैं. इसके लिए अपने नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क करें.

  • इसके लिए आपके पास एक बेहतर क्रेडिट हो.

बहुत ज्यादा लोन न लें. केवल मुर्गियों और आवश्यक उपकरण को खरीदने के लिए लोन ले. जैसे जैसे आपकी आय होती हैं, वैसे वैसे लोन को चुकाने के साथ, अपने व्यापर को बढ़ाते जाये.

  •  एक आदर्श पोल्ट्री शेड को स्थापित करें

सबसे महत्वपूर्ण आपका शेड ही होता हैं, जहाँ मुर्गियां रहती हैं. शेड की डिजाइनिंग और बनावट का सर आपकी आय पर पड़ता हैं. उदाहरण के लिए लाइटिंग की व्यवस्था अगर सही नहीं हैं तो मुर्गियां सही तरीके से दाना पानी नहीं लेगी. जिसका असर आपकी आय पर पड़ेगा.

आदर्श शेड के लिए आप किसी अन्य शेड में जा सकते हैं, जहाँ बढ़िया इनकम हो रही हैं.

  • पूरी तरह से लोन पर आश्रित नहीं रहे

पोल्ट्री फार्म शुरू करने के लिए आपके हाथ में अच्छी रकम होनी चाहिए, एसा न हो की आप सब कुछ लोन से करने वाले हैं. हालाँकि एक बेहतर प्लान के साथ लोन से शुरू किया जा सकता हैं. लेकिन पोल्ट्री बिजनेस एक नाजुक बिजनेस हैं शुरूआत में इसको ज्यादा इन्वेस्टमेंट लगती हैं, लेकिन बाद में यह बहुत कमाई वाला बिजनेस बन जाता हैं.

अगर आपके पास जमीन हैं तो आपको बहुत बड़ी सहायता मिल जाती हैं.

  • आवश्यक उपकरण ख़रीदे

पक्षियों के लिए दाना, पानी, शेड के लिए पंखे, हीटर, कूलर, जेनरेटर, पानी इत्यादि की आवश्यकता होती हैं. चूजों को लेने से पहले इन सभी को तैयार कर ले.

अच्छी नस्ल के चूजे खरीदें

अपना पोल्ट्री फार्म व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको कुछ चूजे खरीदने होंगे. स्वस्थ और बेहतर प्रजाति एक चुजें ख़रीदे. यदि चुजें कुपोषित और रोगग्रस्त हैं तो आपको बाद में बड़ा नुकसान हो सकता हैं. शुरुआत कम चूजों से करें.  

  • चूजों को खिलाना सीखे

अपने पोल्ट्री फार्म व्यवसाय को स्थापित करने में एक अन्य महत्वपूर्ण विचार यह जानना है कि चूजों को ठीक से कैसे खिलाना है. आपको जानकर आश्चर्य होगा की सबसे ज्यादा खर्चा दाना खरीदने में ही आयेगा. पोल्ट्री फार्म को मैनेज करने में लगभग 70 प्रतिशत खर्चा दाना की व्यवस्था करने में आता हैं

  • मुर्गियों के स्वास्थ्य के लिए काम करें

पोल्ट्री फार्म की लापरवाही से मृत्यु दर उच्च हो सकती हैं. आपको मुर्गियों के रोगों के बारें में पता होना चाहिए. और उनके टिके के बारें में पता होना चाहिए. इसके आलावा आपको मुर्गियों के इलाज के लिए देसी इलाज के नुस्खे भी मालूम होने चाहिए.  

मुर्गियों का पानी साफ सुथरा होना चाहिए, उनका दाना बेहतर क्वालिटी का हो. ब्रायलर नस्लों के लिए 24 घंटे के लिए पीली, लाल और नारंगी रोशनी सबसे अच्छी मानी जाती है, इसलिए बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था करें.

  •  बीमार पक्षियों का तत्काल उपचार करें

एक मुर्गी पूरे फार्म को संक्रमित कर सकती हैं. इसलिए जो मुर्गी संक्रमित होती हैं उसका तुरंत इलाज होना चाहिए. पोल्ट्री फार्म में एक अलग शेड या केज होना चाहिए, जहाँ बीमार मुर्गियों को रखा जा सकता हैं.

  • मुर्गियों का टीकाकरण करें

संक्रामक रोग से मुर्गियों को बचाने के लिए समत समय पर उनका टीकाकरण करवाते रहे. मुर्गियों में बैक्टीरिया, माइकोप्लाज्मा और वायरल टीके आमतौर पर उपयोग में होते हैं.

आपको पोल्ट्री पक्षियों के लिए लगने वाले टीकों के बारे में कुछ जानकारी होनी चाहिए.

  • पोल्ट्री फार्म नियमों का पालन करें

पोल्ट्री फार्म के नियम -: कुछ समय पहले मुर्गीपालन को स्थापित करने के लिए किसी तरह के लाइसेंस की जरुरत नहीं पड़ती थी. लेकिन इसके बढ़ते व्यापर को देखते हुए इस पर विचार किया गया और कुछ लाइसेंस अनियार्य कर दिए गए हैं.

 कुछ नियम कानून पर आधारित हैं. इसलिए पहले अपने कृषि और पशु विभाग से जाकर जरूर बात कर ले कि उनके लिए पोल्ट्री फार्म के नियम क्या हैं.

अपनी मार्केटिंग करे और खुद भी अपडेट रहे  

आपको रोजाना कई लोगों से मिलेंगे. उन्हें अपना पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने की अपनी योजनाओं के बारे में बताएं. या अपने बिजेनस के बारें में बताएं. पोल्ट्री फार्म से सम्बंधित कार्यक्रमों में जाएँ. कुछ नया अनुभव प्राप्त करें और लोगों के साथ अपना अनुभव शेयर करें

  • लेबर को ट्रेनिंग दे

मुर्गी पालन का काम वे लोग ही कर सकते हैं जिनको मुर्गी पालन के बारें में सूक्ष्म जानकारी होती हैं. आप कुछ लोगों को पकड़े और उनको बेहतर ट्रेनिंग दे और अपने साथ काम पर रखे.  

  • अपने व्यवसाय को ऑनलाइन शिफ्ट करें

अपने ब्रांड को प्रसारित करने के लिए आपके पास खुद का एक वेबसाइट होना चाहिए. खुद के ऑनलाइन सोशल पेज होने चाहिए.

  • अपने प्रोडक्ट का प्रचार करें

मुर्गी फार्म को स्थापित करने का आपका मुख्य उद्देश्य प्रोडक्ट को सेल करना हैं. आप जितने उच्च दाम में बेचेगे उतना अधिक मुनाफा होगा. यहाँ आपको बहुत दिमाग लगाने की जरुरत हैं. आपको अपने परिवहन लागत को ध्यान में रखते हुए अपने माल को बेचना हैं.

पोल्ट्री फार्म के नियम के बारें में आपन क्या सीखा

ऊपर दिए गये पोल्ट्री फार्म के नियम बताने का उद्देश्य यह था की अगर कोई नया पोल्ट्री फार्म शुरू करने जा रहा हैं तो उसको किन किन बैटन को ध्यान में रखना चाहिए. पोल्ट्री फार्म के नियम के जरिये आपको बहुत सारे विचार मिल गए होंगे. अब आप आपको अपना अगला कदम उठाने में आसानी रहेगी. अगर कोई सुझाव देना चाहते हैं या लेना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में उसको जरूर लिखे.  

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