Gangubai Kathiawadi real story in hindi – गंगूबाई काठियावाड़ी रियल स्टोरी इन हिंदी

Gangubai Kathiawadi real story in hindi

gangubai kathiawadi real story in Hindi – आज की इस आज रियल स्टोरी के माध्यम से हम आपके साथ एक ऐसी महिला की जिंदगी के बारे में बताने वाले हैं. जिसनें अपनी खुशहाल जिंदगी को बदहाल में बदल कर फिर खुशहाल में बदल दिया।

हम बात कर रहे हैं – मुंबई की प्रसिद्ध महिला माफिया के नाम से विख्यात गंगूबाई काठियावाड़ी की. गंगूबाई काठियावाड़ी की जीवन की रियल स्टोरी को लोगों तक पहुंचाने के लिए संजयलीला भंसाली के निर्देशन में गंगूबाई काठियावाड़ी फिल्म बनाई गई है। इस फिल्म में गंगुबाई काठियावाड़ी का रोल आलिया भट्ट ने किया हैं.

तो चलिए जानते हैं गंगूबाई काठियावाड़ी कौन थी? गंगू बाई कि रियल स्टोरी क्या हैं? गंगू बाई के जीवन में ऐसा क्या खास हुआ जिसके कारण से बॉलीवुड को इस किरदार पर एक मूवी बनानी पड़ी.

गंगूबाई काठियावाड़ी कौन थी?

गंगूबाई काठियावाड़ी -: हर महिला को अपनी जिंदगी में कभी न कभी किसी समय खराब परिस्थिति का सामना करना ही पड़ता है. उस संघर्ष के बाद वह महिला वह नहीं रह जाती है जो पहले थी.

कुछ ऐसा ही हुआ हैं गंगूबाई काठियावाड़ी के साथ. महिला माफिया गंगूबाई 60 के दशक में भारत की पहली महिला थी जो अंडरवर्ल्ड डॉन के रूप में विख्यात हुई.

गंगूबाई का पूरा नाम गंगा हरीजीवन काठियावाड़ी हैं. इनका जन्म काठियावाड़ में हुआ. काठियावाड़ गुजरात में स्थित है. गंगू बाई के परिवार की स्थिति, खुशहाल और सम्मानजनक थी।

गंगूबाई पिता और माता की एकमात्र पुत्री थी। इस कारण पिता को गंगू बाई से अत्यधिक लगाव था. उनके पिता गंगूबाई को पढ़ा लिखा कर कुछ बड़ा बनाना चाहते थे, लेकिन गंगूबाई पढ़ाई में बिल्कुल भी रूचि नहीं लेती थी.

गंगुबाई का इतिहास

बचपन से ही गंगूबाई एक एक्ट्रेस बन्ने के सपने देखती थी.  उसको टीवी और फिल्मों में ज्यादा रूचि थी. गंगूबाई को रमणीक लाल नाम के किसी लड़के से प्यार हो गया था जो कि उसके पिता का अकाउंटेट था।

गंगू बाई को मात्र 16 वर्ष की उम्र में प्यार हो गया था. गंगुबाई और रमणीक का प्यार परिवार वालों को मंजूर नहीं था।

फिर क्या होना था दोनों ने भागकर सादी कर ली. सादी के बाद गंगू बाई और रमणीक दोनों मुंबई चले आये. यहं अब गंगुबाई के जीवन में बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट आया.

गंगूबाई को कहां पता था कि यह 4 दिन की चांदनी अब घनघोर अंधेरे में बदल जाएगी। उसके पति ने उसे धोखे से एक कोटे वाले को ₹500 में बेच दिया.

जब गंगू बाई को यह बात पता चली तो वह तो भोचक्की रह गयी.  अब गंगू पूरी तरह से वहां फंस चुकी थी। उससे जबरन वेश्यावृत्ति कराई गई।

गंगुबाई माफिया क्वीन कैसे बनी

फिर एक दिन, शौकत खान नाम के व्यक्ति ने उसके साथ वैश्यावृति की और बिना पैसे दिए ही वहां से चला गया. उस दिन के बाद गंगूबाई की हालत बहुत नाजुक हो गई थी और कई दिनों तक हॉस्पिटल में भर्ती रही.

ठीक होने के बाद उसने शौकत खान के बारे में पता लगाया तो उसने पाया कि वह  कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला का व्यक्ति है।

 यहां से गंगूबाई काठियावाड़ी की जीवन कहानी में फिर से एक टर्निंग प्वाइंट आया। वह डॉन करीम लाला के पास गई और शान और शौकत खान द्वारा किए गए अत्याचारों के बारे में बताया और अपनी दुख भरी दास्तान सुनाई.

उसकी दुख भरी बातों को सुनकर डॉन करीम लाला लाला ने उसे अपनी बहन बना लिया और यहीं से गंगूबाई के जीवन में मोड़ आया। उसने धीरे-धीरे अंडरवर्ल्ड में अपनी पहचान बना ली। साथ ही वह मुंबई के सबसे बड़े वेश्याओं के कोटे की मालकिन बनी।

इसके बाद गंगूबाई ने अंडरवर्ल्ड की लेडी डॉन के नाम से पहचान बनाई. गंगुबाई को माफिया क्वीन ऑफ़ मुंबई कहा जाता है।

साठ के दशक में गंगूबाई ऐसी पहली महिला थी, जिसका अंडरवर्ल्ड भी खौफ खता था.

गंगूबाई ने वेश्यावृत्ति करने वाली महिलाओं के हक के कई अच्छे काम भी किये थी। उसने उन महिलाओं को छोड़ दिया जिन्हें यहां जबरन लाया गया था।

 गंगुबाई का कहना था कि यदि इन महिलाओं ने वेश्यावृत्ति को छोड़ दिया तो मुंबई में किसी भी लड़की या महिला का बाहर घूमना मुश्किल हो जाएगा।

 इतना ही नहीं, गंगुबाई ने मुंबई में वेश्यावृत्ति को रोकने के लिए हो रहे आंदोलनों में वैश्याओं का साथ दिया।

तो यह थी मुंबई की माफिया क्वीन गंगूबाई काठियावाड़ी की रियल स्टोरी(Gangubai Kathiawadi real story in hindi).

गंगूबाई की मृत्यु कब और कैसे हुई यह जानकारी सही तरीके से आंकड़ों में मौजूद नहीं है, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि गंगूबाई की मृत्यु लगभग 1975 और 1978 के बीच में हुई थी। काठियावाड़ी की रियल स्टोरी(Gangubai Kathiawadi real story in hindi) आपको कैसी लगी। कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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