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कच्छ का रण उत्सव की एक झलक – कहाँ मनाया जाता हैं? – महान धरोहर

camel and old man

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कच्छ का रण उत्सव कहाँ मनाया जाता हैं

कच्छ का रण उत्सव कहाँ और कैसे मनाया जाता हैं – कच्छ भारत में स्थित एक अनुपम धरोहर है। यहां मनाया जाता है हर साल खुशियों का उत्सव – कच्छ का रण उत्सव। इसके बारे में कहा गया है कि “कच्छ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा”। रण उत्सव गुजरात के कच्छ जिले में प्रतिवर्ष गुजरात टूरिज्म द्वारा संचालित किया जाता है। यहां पर गुजरात की संस्कृति की झलक सम्मिलित रूप से देखी जा सकती है। यहां गुजरात के कोने-कोने से लोगों द्वारा अपनी कला पारंपरिक संगीत नृत्य रीति-रिवाजों शिल्प सौंदर्य का अनूठा प्रस्तुतीकरण किया जाता है। और इस उत्सव की यही खासियत लाखों सैलानियों को आकर्षित भी करती है।

रण उत्सव क्या है

साल में एक बार मनाया जाने वाला यह उत्सव गुजरात टूरिज्म द्वारा संचालित किया जाता है। जो खासतौर पर सर्दियों के मौसम में शुरू होता है। यह रण उत्सव नवंबर माह से शुरू होकर फरवरी माह तक चलता है। यहां आप गुजरात की अनुपम संस्कृति प्राचीन सभ्यता के साथ ही प्रकृति के दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। कमाल की बात यह है कि यहां स्थित नमक का रेगिस्तान जिसे कच्छ का रण भी कहते हैं। इसके साथ ही और भी कहीं मनोरंजन कार्यक्रम होते हैं।

यह महोत्सव गुजरात की संस्कृति की छटा बिखेरता है। और यह वर्ल्ड फेमस टूरिस्ट स्पॉट भी है। यहां हर साल देश-विदेश से लाखों सैलानी आते हैं। साथ ही वहां के निवासियों के लिए रोजगार की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही और भी कहीं मनोरंजन कार्यक्रम होते हैं।

जैसे ऊंट सफारी, रात में अलाव के पास बैठना, टेंट सिटी, चमकीले नमक के रेगिस्तान में सन सेट व सनराइज का नजारा, समुंदर किनारे सफर,पूर्णिमा की रात को वहां का नजारा अलग ही होता है। स्वादिष्ट कई प्रकार के गुजराती भोजन जो एक अलग ही रोमांच पैदा करता है। और यह सभी यादगार बन जाते हैं। आपके लिए इन पलों को भूलना आसान नहीं होगा।

कच्छ के रण का इतिहास

कई वर्षों पहले मानो यह स्थान भारत के भूगोल से अलग था यानी यह जगह बिल्कुल अनजान थी। परंतु यहां के निवासियों ने अपनी संस्कृति को बचाए रखा और देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित किया।

कच्छ का रण समुंदर के किनारे स्थित है। यहां 16 जून सन 1819 में भयंकर भूकंप आया था। भूकंप के प्रभाव से सिंधु नदी का मोड़ बदलकर पाकिस्तान की ओर हो गया। जो 70 km दूर थी भूकंप के कारण वहां 10 से 12 फीट प्लेटें खिसक गई। हाई टाइड की वजह से समुद्र में ज्वार आता तो उस क्षेत्र में पानी भर जाता और जो वापस नहीं जा पाता। जिससे यहां कृतिम खारे पानी की झील बन जाती है। जब यह झील गर्मियों में सूख जाती है। तब वहां नमक का विशाल चमकीला मैदान बन गया। जिसे महान “कच्छ का रण” या “नमक का रेगिस्तान” भी कहते हैं।

यह पूरा एरिया 30000 स्क्वायर km में फैला हुआ है। जिसमें 18000 स्क्वेयर किलोमीटर नमक का रेगिस्तान है। जिसे “सफेद रेगिस्तान” से भी जाना जाता है इस सफेद रण का संपूर्ण नजारा देखने के लिए यहां एक वॉच टावर बना है जहां ऊपर से अच्छी तरह से नजारा दिखता है। पहले जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा नहीं हुआ था, तब यह क्षेत्र पाकिस्तान में आता था।

रण उत्सव तक कैसे पहुंचे

हवाई जहाज से

कच्छ से निकटतम हवाई अड्डा भुज शहर में है। जो रन के रेगिस्तान से 80 किलोमीटर दूर है। यह भुज का हवाई अड्डा भारत के सभी बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। यहां दिल्ली,जयपुर ,मुंबई कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई आदि से उड़ाने चलती है।

रेल से

यदि आप ट्रेन से आना चाहते हैं तो आपको भुज रेलवे स्टेशन आना होगा। वहां से कच्छ जाने के लिए आपको एक वाहन की व्यवस्था करनी होगी। या आप कैब बुक कर सकते हैं। कच्छ से निकटतम रेलवे स्टेशन भुज रेलवे स्टेशन है।

सड़क से

कच्छ पहुंचने के लिए एकमात्र वास्तविक विकल्प यही है। कच्छ पहुंचने के लिए आप भुज शहर से अपना वाहन ले सकते हैं। या कैब बुक करा सकते हैं इसके अलावा अहमदाबाद से राजकोट से रोड ट्रिप ले सकते हैं।

कच्छ का रण उत्सव में ध्यान रखने योग्य बातें

आपको कच्छ के रण (रेगिस्तान) में प्रवेश करने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। क्योंकि यह क्षेत्र पाकिस्तान सीमा के पास होने के कारण काफी संवेदनशील है। अनुमति के लिए भुज से लगभग 55 किलोमीटर दूर भिरंदियारा गांव (जो दूध की मिठाई के लिए प्रसिद्ध है) की चौकी से ले सकते हैं। प्रति व्यक्ति र100 व वाहन के र50 लिए जाते हैं। साथ ही आपको एक आईडी(ID Proof) की फोटो कॉपी भी जमा करानी होगी।

रण उत्सव में कहां पर रुके

आप गुजरात टूरिज्म द्वारा तैयार किए गए टेंट सुविधा का लाभ ले सकते हैं वहां लगभग 400-500 टेंट हाउस बनाकर टेंट सिटी बनाई जाती है। जिसमें AC room, non AC room, premium सभी प्रकार की फैसिलिटी उपलब्ध होती है। जो आपके लिए ज्यादा आसान रहेगा। इनकी बुकिंग आपको पहले से ही करानी पड़ती है। इन सब की अधिक जानकारी के लिए तथा प्री बुकिंग के लिए आप गुजरात टूरिज्म की ऑफिशियल वेबसाइट (website link) विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा आप नजदीक कोई होटल या रिसोर्ट भी बुक करवा सकते हैं।

कच्छ में देखने लायक जगहें

कच्छ की कुछ सबसे खूबसूरत और देखने लायक जगहें की बात करते हैं, यहां जाना बिल्कुल ना भूले आप
श्याम कृष्ण वर्मा मेमोरियल,(मांडवी शहर), बृहदेश्वर जैन मंदिर, मांडवी बीच(mandvi beach), विजय विलास पैलेस, नारायण सरोवर, Wild ass sanctuary, 5000 साल पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता का अंश धोलावीरा, महान कच्छ का रण(मुख्य आकर्षण) कालो डूंगर पहाड़ी, भुजियो डूंगर पहाड़ी, वॉच टॉवर, टेंट सिटी, माता रो मढ़, प्राग महल, शीश महल, हमीरसर झील, हाजी पीर दरगाह, कच्छ म्यूजियम, लखपत झील, जैसल तोरल समाधि, कांडला पोर्ट, स्वामीनारायण मंदिर-भुज आदि।
यह सभी जगह मनोहर व देखने लायक है।

आपके लिए एक सन्देश…
कच्छ का रण महोत्सव गुजराती कला-संस्कृति और सभ्यता का बेजोड़ नमूना है। यहां गुजरात के कोने-कोने से लोग अपनी संस्कृति की झलक दिखाने आते हैं। यहां स्थित प्रत्येक गांव अपना अनूठा शिल्प लिए हुए हैं। यहां के ग्राम उद्योग विश्व विख्यात है। साथ ही बुनाई, चिथड़े, ब्लॉक प्रिंटिंग, टाई एंड डाई ,चित्रकारी, मिट्टी के बर्तन और यहां का अनूठा भोजन आदि सभी विश्व प्रसिद्ध है। यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। अतः यह एक विश्व विख्यात टूरिज्म स्पॉट है। इसलिए कला का सम्मान करे और सही तरीके से विस्तृत करे और उनका आदर करे।

क्या इस साल रण उत्सव होगा ?

आमतौर पर सर्दियों के मौसम में लोग अपने घरों में रहना चाहते हैं। लेकिन कच्छ का रण महोत्सव हमें सर्दियों में बाहर निकलकर घूमने का मौका देता है। साल 2020 में रण महोत्सव की तारीखें गुजरात टूरिज्म द्वारा घोषित कर दी गई है। इस साल 12 नवंबर 2020 से 28 फरवरी 2021 तक रण महोत्सव होगा। साथ ही आप जानते हैं कि, कोरोना महामारी फैल हुई है, इसलिए आपको सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन भी करना होगा।

इस पोस्ट में हमने जाना – कच्छ का रण उत्सव कहाँ और कैसे मनाया जाता हैं. अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो दूसरी पोस्ट को भी पढ़ सकते हो.

मन्नार शाला इय्लम

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