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राघव की दूसरी सादी – भुतिया डरावनी कहानी

राघव की दूसरी सादी – एक झूठ और मौत

भुतिया कहानियों में आप पढने जा रहे हो -राघव की दूसरी सादी

राघव और प्राची आज ही शहर से दूर एक बड़े घर में शिफ्ट हुए. इतना बड़ा घर और ऊपर से इतना सारा सामान कम से कम एक हफ्ता तो लग ही जायेगा. लेकिन जोश जोश में दोनों ने एक दिन में ही लगभग 80 परसेंट कम को निपटा दिया. बाकि बचा सामान धीरे धीरे करके प्राची ने व्यवस्थित कर दिया.
पहले दिन से प्राची को लगने लगा की शायद को हैं जो उसके पीछे पीछे घूमता हैं. जितनी बार प्राची किसी काम के लिए पीछे मुडती हैं, अचानक से मानो कोई उसके अन्दर ही गिर जायेगा. लेकिन प्राची खुद को सांत्वना दे देती…. ओफ्फ्फ मैं भी कितनी बुद्धू हूँ.
प्राची एक भुत ही स्ट्रोंग दिल वाली स्त्री हैं. आम बातो को ऐसे ही इगनोर कर देती हैं.
राघव रात को काम के सिलसिले में घर से बाहर जाने वाला था तो प्राची ने पहले ही खाना बना कर तैयार कर दिया.
प्राची सुबह आराम से देरी से उठी, प्राची को याद आया की काफी दिन हो गये गार्डन को पानी नहीं दिया. प्राची सारे काम निपटाकर गार्डन में गयी तो देखा कि गार्डन को पूरी तरह से पानी दिया हुआ था. और प्रतियेक पती की पानी की बूँद से सूरज की रोशनी चमा चम कर रही थी. प्राची सोच में पड़ गयी आख़िरकार ये पानी किसने दिया. प्राची ने इसके ऊपर ध्यान नहीं दिया, और वो वापस घर के अन्दर चली गयी.
प्राची अब किचन में अपना सारा कम निपटा रही थी. तभी उसको अहसास होता हैं की……कोइ तो हैं जो हर वक्त उसका पीछा करता हैं.
प्राची जोर से चिल्ला कर कहती हैं, जो कोई भी हो इस घर से चली जाओ. ये मेरा घर हैं……
अब प्राची के पीछे जो भी था वो गुस्से में आ गया और उसने अब साफ़ आवाज़ में कहा… मैंने तुझे कुछ नही कहा. तेरी सहायता के लिए गार्डन को पानी दिया. तेरा कुछ बुरा नही चाहा. तुमने मुझसे हम दर्दी जताने की बजे बाहर जाने को कहा. अब रुको मैं तुझे बताती हूँ मैं क्या चीज हूँ….


प्राची ने इसकी किसी बात पर ध्यान नहीं दिया. और दोपहर को सोने के लिए कमरे में चली गयी. प्राची को म्यूजिक का बहुत शौक हैं तो वो हर शाम को वीणा बजाती हैं…अब जैसे ही प्राची ने वीणा उठाया और बोलने लगी सा रे गा मा पा धा नि रे सा….प्राची के साथ साथ वो आत्मा भी इस धुन को गुनगुनाने लगी. अब प्राची थोड़ी सी डर गयी.
लेकिन फिर भी उसने नज़र अंदाज़ किया. राघव वापस आ गया और प्राची ने राघव को बताना उचित नहीं समझा. प्राची और राघव खाना खाकर दोनों सो गए थे. रात को फिर से प्राची को कुछ मह्सुस हुआ. प्राची की कम्बल को कोई खीच रहा था. प्राची ने झट से कम्बल को खीचा और वापस सो गयी. फिर से कम्बल खीचा, लेकिन अबकी बार प्राची ने इतनी जोर से कम्बल खीचा कि कम्बल फट गया.
सुबह हुई और राघव को जल्दी ऑफिस जाना था. इसलिए वो जल्दी जल्दी नहा रहा था. जैसे ही वो नाहा कर बाहर आया. प्राची ठीक उसके सामने खड़ी थी. प्राची ने कहा राघव मुझे तुम्हे कुछ बताना हैं? क्या नए घर में तुम्हे कोई दिक्कत हैं क्या? मैंने आपसे झूठ बोला था कि मेरा को बॉयफ्रेंड नहीं हैं ….वो मेरा एक बॉयफ्रेंड हैं…जब आप बाहर जाते हो तो मुझे उसका फ़ोन आता रहता हैं.


क्या ? तुमने मुझसे झूठ बोला…राघव ने प्राची की बाह पकड़ कर उसको गेट के बाहर कर दिया. अब प्राची कुछ बोलने लगी…..राघव चिल्लाने लगा निकल जाओ यहाँ से.
तभी रशोई से आवाज आती हैं, क्या हुआ? किसको निकल जा रहा हैं घर से…. राघव के तो पैर खसक गए.. राघव ने पुछा. तुम वहां थी तो यहाँ पर कोन थी.
वो राघव इस घर में आ आ आआअ प्राची अपने गले को पकड़ लेती हैं उसके मुह से आवाज़ भी नहीं निकली. वो फिर से कोशिश करती हैं. लेकिन फिर नाकामयाब रही.
राघव प्राची को समझाकर बाहर चला जाता हैं.
दोपहर को घंटी बजती हैं. प्राची जाकर दरवाजा खोलती हैं. तो सामने खड़ा था एक पोस्टमैन…प्राची हैरान थी. अभी आये हुए दस दिन भी नहीं हुए. और पोस्टमैन…
प्राची ने जैसे ही उस लैटर को खोला और पढने लगी… तभी पीछे से रोने की आवाज़ आती हैं. प्राची जो पढ़ रही थी…पिछले दस दिनों और उसके रोने की आवाज़ से भी भयानक था. उस लैटर को पढ़कर प्राची तुरंत कुछ लिखने बैठ जाती हैं. और पुलिस को फ़ोन लगा लेती हैं.
शाम को राघव जैसे ही घर आता हैं. उसने देखा की उसके घर के सामने कुछ लोग थे. राघव थोडा सा डर गया था. राघव जैसे ही घर में पहुंचा. उसने देखा की प्राची की डेड बॉडी को दो लोग स्ट्रेचर से ले जा रहे थे. पुलिस के हाथ में वो लैटर था जो प्राची ने लिखा था. उस लैटर में लिखा था की मेरी सुसाइड का कारण केवल राघव हैं. इसकी वजह से मैं आज सुसाइड कर रही हूँ. पुलिस ने राघव को गिरफ्तार कर लिया. आखिर उस लैटर में क्या लिखा था जो पोस्टमैन लेकर आया था..
उस लैटर में लिख था…. वह लैटर कोर्ट से आया था. और जिस घर में प्राची रह रह थी वो घर राघव का ही जो उसने 5 साल पहले ख़रीदा. यह राघव की दूसरी सादी हैं. इसके पहले राघव की सादी हो चुकी थी. राघव अपनी पहली पत्नी के साथ इसी घर में रहा करता था. इसी घर में उसकी पत्नी ने राघव की हरकतों से बाज आकर आत्महत्या कर ली.

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इस सदमे को प्राची सहन नहीं कर पाई और उसने भी आत्म हत्या कर ली.
अबकी बार राघव को दस साल की सजा हुई. और वो घर अभी ऐसे ही खाली पड़ा हैं….
उस के पड़ोसी कहते हैं की पहले तो एक औरत के रोने आवाज़ आती थी. लेकिन अब दो दो औरतो के रोने की आवाज़े आती हैं…. और घर को कोई भी खरीदना नहीं चाहता.
इस भूतिया कहानी से क्या सीखा राघव की दूसरी सादी – एक झूठ किसी को बर्बाद भी कर सकता हैं, और किसी को जान लेने के लिए मजबूर भी कर सकता हैं.
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