Albert Einstein with his formula

albert einstein biography in hindi | महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी

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अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी (जन्म 1879- निधन 1955)

आज आप जानेंगे बीसवीं सदी के सबसे प्रभावशाली महान वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार विजेता अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी के बारे में. ( Albert Einstein biography in hindi) विश्व प्रसिद्ध भौतिकी के विज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन को रिलेटिविटी थ्योरी और e=mc2 समीकरण के जनक के लिए जाना जाता है. साधारण से दिखने वाले व्यक्ति विनय बचपन में स्कूल के बाहर निकाल दिया गया था. लोग उन्हें बेवकूफ पागल कहते थे. आखिर कैसे महान वैज्ञानिक बने? अब उनके नाम (आइंस्टीन) को बुद्धिमान का पर्याय मन जाता है.

Albert Einstein biography in hindi | अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी

प्रारंभिक जीवन

शिक्षा

अल्बर्ट आइंस्टीन के अविष्कार

रिलेशनशिप | वैवाहिक जीवन

अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु

सम्मान एवं पुरस्कार

रोचक तथ्य | unknown facts

पूरा नाम –अल्बर्ट आइंस्टीन
जन्म –14 मार्च 1879
जन्म स्थान –
जाति –
उल्म, वुर्ट्टनबर्ग, जर्मनी
यहूदी
पिता का नाम –
माता का नाम –
हरमन आइंस्टीन
पौलिन आइंस्टीन
पत्नी का नाम –मिलेवा मेरिक (1903–1919)
एलसा आइंस्टीन (1919–1936)
कार्य –
खोजें –
वैज्ञानिक
थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी, e=mc2, प्रकाश वैद्युत प्रभाव, ब्राउनियन गति
राष्ट्रियता –जर्मनी, स्विज़र्लेंड, ऑस्ट्रिया, अमेरिका
मृत्यु –18 अप्रैल 1955 (आयु-76), अमेरिका में
Albert Einstein biography in hindi; जन्म-1879-मृत्यु-1955

प्रारंभिक जीवन

भौतिकी के महान वैज्ञानिक, नोबेल पुरस्कार विजेता अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 को जर्मनी के एक छोटे से शहर उलम में एक यहूदी परिवार में हुआ था. उस समय जर्मनी पर एडोल्फ हिटलर का शासन चलता था. अल्बर्ट आइंस्टीन के पिता का नाम – हरमन आइंस्टीन(Harman Einstein) था. तथा माता का नाम पौलिन आइंस्टीन था. उनके पिता एक इंजीनियर थे. साथ ही वे एक बिजनेसमैन भी थे.

बिजनेस के चलते उन्हें अपने परिवार के साथ कई अलग-अलग शहरों में शिफ्ट होना पड़ता था. 1880 में उन्हें म्यूनिख शहर में शिफ्ट होना पड़ा. वहां पर उन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई. जो इलेक्ट्रिक सामान का उत्पादन करती थी. साल 1894 में उनकी कंपनी को बहुत बड़ा घाटा हुआ. उसके बाद में व्यापार की तलाश में पहले मिलान शहर और फिर इटली गए. वहां से कुछ सालों बाद पाविया शहर गए.

शिक्षा | Albert einstein education in hindi

जब अल्बर्ट का परिवार पाविया शहर, इटली में शिफ्ट हुआ. तब अल्बर्ट म्यूनिख शहर में पढाई करते रहे. अल्बर्ट की प्रारंभिक शिक्षा केथोलिक स्कूल में हुई. अल्बर्ट की पिता उन्हें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कराना चाहते थे. लेकिन अल्बर्ट को उस में कोई रुचि नहीं थी. अल्बर्ट आइंस्टीन बचपन से ही गणित व फिजिक्स में अधिक रूचि रखते थे. उन्होंने 12 वर्ष की आयु में गणित और फिजिक्स विषयों पर महारत हासिल कर ली थी.

आइंस्टीन को फिलोसोफी और क्लासिक म्यूजिक में भी रूचि थी. बचपन में उन्हें बोलने में दिक्कत होती थी. लेकिन बाद में उन्होंने इस कमी को दूर किया. यही नही उन्होंने क्लासिकल म्यूजिक भी बनाया. 12 वर्ष की आयु में उन्होंने खुद ही अलजेब्रा(aljebra) और ज्योमेट्री(geometry) को समझ लिया था. उन्होंने पाइथोगोरस प्रमेय को अपने मुताबिक सही प्रूफ करके बताया. उनके ट्यूशन टीचर ने एक बार उन्हें geometry की टेक्स्ट बुक लाकर दी.

जिसे अल्बर्ट ने कुछ समय बाद ही पूरी पढ़ ली. केथोलिक स्कूल में पढाई अच्छी नही लगती थी. इस कारण वे भी इटली आ गए. इटली रहते हुए अल्बर्ट ने “ईथर के चुंबकीय क्षेत्र की जांच” नामक लघु निबंध लिखा था. 12 वर्ष की आयु में अल्बर्ट खुद को कैलकुलस (calculas) पढ़ाने लगे. 14 वर्ष की आयु में उन्होंने समाकलन और अवकलन में महारत हासिल ली थी. अल्बर्ट की यह प्रतिभा देखकर उनके ट्यूशन टीचर भी हैरान थी.


फेडरल पॉलिटेक्निक स्कूल में प्रवेश

सन 1895 में अल्बर्ट ने स्विस फेडरल पॉलिटेक्निक स्कूल (जिसे अब अल्बर्ट आइंस्टीन स्कूल के नाम से जाना जाता है) में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा दी. लेकिन गणित और फिजिक्स में बहुत अच्छे नंबर लेकर आए. बाकी के विषय में फेल हो गए. प्रिंसिपल की सलाह पर अल्बर्ट ने स्कूल में एडमिशन ले लिया. अपनी मैट्रिक की पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुनः स्विस फेडरल पोलीटेक्निक स्कूल प्रवेश परीक्षा दी. इस बार उन्होंने मैथमेटिक्स और फिजिक्स के अलावा सभी में अच्छा प्रदर्शन किया. उन्होंने मैथमेटिक्स और फिजिक्स के प्रोग्राम में प्रवेश लिया. सन 1900 में उन्होंने मैथ्स और फिजिक्स में टीचिंग डिप्लोमा का परीक्षा पास की. उसके बाद अल्बर्ट आइंस्टीन ने (1900 – 1905) तक ज्यूरिक विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि धारण की.

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रिलेशनशिप | वैवाहिक जीवन

जब अल्बर्ट आइंस्टीन स्विस फेडरल पॉलिटेक्निक स्कूल में दाखिला लिया था. तब उसी क्लास में मिलेवा मेरिक भी थी. जो बाद में अल्बर्ट की भावी पत्नी बनी. अल्बर्ट मेरिक से काफी प्रभावित हुए थे. उनके बीच दोस्ती बढ़ती गई. वह साथ-साथ घूमते फिरते और फिजिक्स सॉल्वड करते. धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई. अपने पिता की मृत्यु के बाद अल्बर्ट ने मेरिक के साथ शादी कर दी. अल्बर्ट आइंस्टीन के दो बेटे थे.

हंस आइंस्टीन (hans einstein) और एडवर्ड आइंस्टीन (adverd einstein). इससे पहले उनके एक बच्ची भी हुई थी. जो किसी बीमारी के कारण मर गई थी या उसे अनाथालय के लिए छोड़ दिया गया था. शादी के कुछ सालों बाद दोनों में कुछ अनबन हुई और साल 1919 में मेरिट में अल्बर्ट को तलाक दे दिया. तल्लाक के उसी साल अल्बर्ट ने अपनी कजन सिस्टर एल्सा आइंस्टीन से शादी की. लेकिन एल्सा की 1936 में किसी बीमारी के कारण मृत्यु हो जाती है.

वैज्ञानिक करियर और अविष्कार

स्विस फेडरल पॉलिटेक्निक स्कूल से डिप्लोमा पूरा करने के बाद, आइंस्टीन को नौकरी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था. क्योंकि उन्होंने कई प्रोफ़ेसर को नाराज कर दिया था. उसके बाद अल्बर्ट आइंस्टीन को फेडरल पेटेंट ऑफिस में क्लर्क की नौकरी मिली. नौकरी करने के साथ ही उन्होंने फिजिक्स पर शोध जारी रखा. सन 1905 में अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा लिखित चार पेपर (पत्र) प्रकाशित हुए. वे चार पत्र निम्नलिखित है.

  1. प्रकाश विद्युत प्रभाव, 2. रिलेटिविटी थ्योरी, 3. ब्राउनी गति सिद्धांत, 4. द्रव्य ऊर्जा समीकरण. इसके बाद इन चार पत्रो ने फिजिक्स की दुनिया में क्रांति ला दी. इन्हीं चार पत्रों ने आधुनिक फिजिक्स को जन्म दिया और space, time, पदार्थ पर विज्ञानों की सोच बदली. इसके बाद अल्बर्ट आइंस्टीन पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हुए.उन्होंने कई विदेशी यात्री की. उन्हें बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटीज में पढ़ाने के लिए ऑफर आने लगे. बाद में उन्होंने कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी पढ़ाने के लिए ऑफर आया और यूएसए चले गए. कुछ सालों बाद उन्होंने यूएसए की नागरिकता स्वीकार कर ली.

अल्बर्ट आइंस्टीन के आविष्कार

अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने पूरे वैज्ञानिक करियर में 300 से ज्यादा फिजिक्स पर शोध पत्र और किताबें लिखी. उनमें उनकी पहली पत्नी मेरिक ने भी काफी मदद की थी. फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट (प्रकाश विद्युत प्रभाव), थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी (आपेक्षिकता का सिद्धांत), ब्राउनी मोशन (ब्राउनी गति), द्रव्यमान ऊर्जा समीकरण (e=mc2), क्वांटम सिद्धांत, तरंग की द्वेत (दोहरी) प्रकृति, सापेक्षिक ब्रह्मांड, केशिका आकर्षण, बोस आइंस्टीन सांख्यकी के सिद्धांतो का उजागर किया. इन्हीं आविष्कारों ने आज के अत्याधुनिक तकनीक की नींव रखी है. सन 1999 में महान साइंटिस्ट अल्बर्ट आइंस्टीन को ‘टाइम समाचार पत्र’ द्वारा सेंचुरी मैन (शताब्दी पुरुष) घोषित किया था.

आइंस्टीन की मृत्यु कब और कैसे हुई | albert einstein death in hindi

जर्मनी में जन्मे अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु अमेरिका रहते हुई. पहले उन्होंने स्विजर्लेंड की नागरिकता ली. उसके बाद अमेरिका रहकर अमेरिका की नागरिकता स्वीकार की. अल्बर्ट आइंस्टीन अपने जीवन के अंतिम समय में abdominal aortic aneurysm ( पेट की एक बीमारी ) से ग्रसित थे. 17 अप्रैल 1955 की शाम को उनके पेट में गजब का दर्द हुआ. डॉक्टर ने उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट होने को कहा. तब आइंस्टीन ने मना कर दिया. उन्होंने उस समय कहा,”मै जब चाहूँगा, तब मरूँगा. मैंने अपनी जिंदगी जी ली है. अब मुझे जाना होगा.” अगली सुबह 18 अप्रैल 1955 को अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु हो गई. उस समय उनकी आयु 76 वर्ष थी.

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सम्मान एवं पुरस्कार

सदी के महान साइंटिस्ट अल्बर्ट आइंस्टीन के सम्मान देने के लिए उनके नाम पर कई बड़ी-बड़ी युनिवर्सिटीज का नाम रखा गया है. वे बचपन में जिस स्कूल में पढ़ते थे. उसे वर्तमान में अल्बर्ट आइंस्टीन स्कूल के नाम से जाना जाता है. इसके अलावा आइंस्टीन को विज्ञान के क्षेत्र नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है. सन 1921 में आइंस्टीन द्वारा “प्रकाश वैद्युत प्रभाव (फोटो इलेक्ट्रिक इफेक्ट) को प्रकाश में लाने के लिए. उन्हें नोबेल प्राइज से सम्मानित किया गया था.

आइंस्टीन के रोचक तथ्य | unknown facts about einstein in hindi

अल्बर्ट आइंस्टीन के अनसुने तथ्य जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते है.

  • क्या आप जानते है कि, आइंस्टीन की मृत्यु के बाद डॉ. थॉमस हार्वे ने आइंस्टीन की फेमिली से परमिशन लिए बिना इनके दिमाग को रिसर्च के लिए निकाल लिया था. थॉमस हार्वे जानना चाहते थे कि, आखिर इनके दिमाग में क्या है जो, उन्हें इतना जीनियस बनती है. इस करतूत की वजह से डॉ. थॉमस हार्वे को सस्पेंड कर दिया था. उनकी रिसर्च में पाया गया कि, आइंस्टीन के दिमाग में एक सामन्य मनुष्य से कई ज्यादा सेल्स थे. जिस कारण वे इतना असाधारण सोचते थे.
  • क्या आप जानते है? आइंस्टीन के इतने जीनियस होने के बावजूद उनकी याह्दास्त कमजोर थी. उन्हें कई बार टेलीफोन नंबर याद नही आते थे. कई बार उन्हें खुद का नंबर भी याद नही आता था. एक बार उनके सहकर्मी ने उनके नंबर मांगे तो einstein उसे टेलीफोन डायरी में ढूँढने लगे.
  • अल्बर्ट आइंस्टीन ने परमाणु बम का अविष्कार नही किया था. लेकिन उनके द्वारा बनाए गए फोर्मुलो से परमाणु बम बनाया जा सकता है. बाद में उन्हें काफी दुःख हुआ कि, उनके द्वारा दिए सूत्र मानवता को खत्म कर सकते है.

आइंस्टीन के रोचक तथ्य

  • आइंस्टीन अपने जनरल एंड स्पेशल थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी के लिए पुरे विश्व में प्रसिद्ध है. लेकिन ये बहुत कम लोग जानते होंगे कि, सन 1921 में मिला नोबेल प्राइज उन्हें थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी के लिए नही बल्कि फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट के लिए दिया गया था.
  • क्या आप जानते है? आइंस्टीन को अपने बाल कटवाना बिल्कुल अच्छा नही लगता था. उन्हें बालो में कंघी करना भी पसंद नही था. आइंस्टीन के बाल हमेशा बिखरे हुए रहते थे. आज उनके अनसुलजे बालो की स्टाइल को जीनियस के रूप में देखा जाता है.
  • आइंस्टीन युद्ध के खिलाफ थे. उनसे एक बार पूछा गया कि, तीसरा विश्व युद्ध किस प्रकार का होगा. उन्होंने जवाब दिया कि, यह नही कहा जा सकता लेकिन चोथा विश्व युद्ध जरुर पत्थरो से लड़ा जाएगा. उनके कहने का मतलब था कि, तीसरे युद्ध के बाद उन्नत सभ्यता खत्म हो जाएगी. मनुष्य फिर से पाषण काल में जियेगा.
  • बचपन में आइंस्टीन को मंदबुद्धि समझा जाता था. उनके एक टीचर ने यहा तक कहा था कि, तुम अपनी जिंदगी में कुछ नही कर पाओगे. वही मंदबुद्धि बच्चा बाद में दुनिया का सबसे बड़ा साइंटिस्ट हुआ.
  • जब आइंस्टीन पैदा हुए थे तब उनका सर बाकि बच्चो के मुकाबले बड़ा था. डॉक्टर ने उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ कहा था. शुरू में वे बोलने में हकलाते थे.
  • अमेरिका की विश्व विख्यात टाइम्स मैगजीन ने सन 1999 में आइंस्टीन को “टाइम पर्सन ऑफ़ दी इयर” यानी 20वी सदी का महान पुरुष बताया था.
  • क्या आप जानते है? अल्बर्ट आइंस्टीन के फेवरिट साइंटिस्ट कौन थे? आइंस्टीन के फेवरिट साइंटिस्ट गेलिलियो गेली थे.

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हमारे द्वारा लिखी गई यह पोस्ट (Albert Einstein biography in hindi) कैसी लगी. आशा करते है अच्छी लगी होगी.

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