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short story of Akbar and Birbal in Hindi अकबर बीरबल की कहानी

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Akbar Birbal Short Stories in Hindi – अकबर बीरबल की कहानियां


अकबर बीरबल की हिंदी कहानियां(akbar birbal story in hindi with moral) की इस विशेष श्रृंखला में पढने के लिए मजेदार कहानियां का संग्रह हैं. आप आसानी से लिंक पर क्लिक(click) करके पूरी कहानी को देख सकते हैं. अकबर बीरबल की कहानियां एक प्रेरणात्मक विचार के साथ होती हैं. अगर आप बीरबल की बुद्दिमानी से अपरिचित हैं तो, निश्चित ही इन कहानियों को पढने के बाद आप बीरबल की बुद्दिमानी की वाहवाही करने लगेंगे. हम अकबर बीरबल की कहानी(hindi story of akbar birbal) की इस पोस्ट को समय समय पर अपडेट करते रहते हैं, इसलिए नई आने वाली कहानी को अपनी मेल में पढने के लिए इस ब्लॉग को नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर सब्सक्राइब कर सकते हैं. तो पेश हैं – story of akbar and birbal in hindi

कुएं का असली मालिक कौन हैं ? – Akbar Birbal Short Story

बादशाह अकबर के दरबार में बनिया रहता था. बनिया के पिता की मृत्यु के पश्चात् उसकी खेतो की देखभाल करने वाला कोई नहीं था. इसलिए बनिए ने निश्चय किया कि वह उसके खेत के पास का कुआं बेचकर पास की जमीन पर एक फेक्ट्री खोलेगा.

यह बात विचार कर उसने अपने खेत के पास के कुएं को एक किसान के हाथ बेच दिया. कुछ दिनों बाद उस बनिए ने एक मिल खोल दी.

बनिए को अहसास हुआ कि उसको मिल के लिए बहुत अधिक मात्रा में पानी चाहिए. उसको लगा कि उसने कुएं को बेचकर शायद गलती कर दी.

बनिए ने दिमाग लगाया और अगले दिन का इंतज़ार करते हुए सो गया.

अगले दिन जब किसान ख़रीदे गए कुएं से पानी निकालने लगा तो बनिए ने रोक दिया और कहने लगा तुमने तो केवल कुआं खरीदा हैं, पानी को नहीं. तुम्हारा इस पानी पर कोई अधिकार नहीं है.

किसान ने उस बनिए के साथ बहस बाजी की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

किसान तुरंत अकबर के दरबार में गया और मदद की गुहार लगाई. बादशाह अकबर ने इस समस्या को निपटाने का भार बीरबल को सौपा.

बीरबल ने किसान की समस्या को गहराई से समझ लिया और अगले दिन उसको वहां कुएं के पास आने को कहा.

 अगले दिन जब किसान पानी निकालने लगा तो फिर बनिए ने उसको रोक दिया. और कहने लगा तुम्हे एक बार में समझ नहीं आता क्या? तुमने कुएं को खरीदा हैं, पानी को नहीं.

बीरबल भी वहीँ हाजिर थे. बीरबल ने बनिए से कहा कि – श्रीमान बनिए आप मुझे यह बताइए कि इस कुएं पर किसका अधिकार हैं?

बनिए ने कहा – इस पर इस किसान का अधिकार हैं.

जब ये इस किसान की सम्पति हैं तो आपको इसकी सम्पति में कोई चीज रखने का अधिकार नहीं हैं. जो अगर आप इसकी सम्पति में कोई चीज रखते हो तो आपको किराया देना पड़ेगा.

अगर ये पानी आपका हैं तो आपको इसका किराया देना पड़ेगा, क्या आपको ये मंजूर हैं.

बनिए की बोलती बंद हो गई, और उसने किसी तरह मैं… मैं… कर जान बचाई, और वहां से भाग गया.

कहानी की सीख – जो चीज खुद की नहीं हैं, उस पर कभी अपना हक़ मत जताओ. आज नहीं तो कल वो वापस लौटानी ही पड़ेगी.

सेठ के घर में चोरी किसने की – story of akbar and birbal

एक बार की बात हैं अकबर के नगर में एक सेठ रहता था. उस सेठ के पास खूब धन दौलत थी. सेठ के पास दस नौकर थे जो दिनभर उसके घर और व्यापर में उसका हाथ बटाते थे.

एक दिन सुबह जब सेठ उठा तो उसने देखा कि उसकी तिजोरी का ताला खुला हुआ था, सेठ इस सदमे को सहन नहीं कर सक और वहीँ गिर गया.

किसी तरह नौकरों ने उसको उठाया और बिस्तर पर लेटाया. वह सेठ बीरबल का अच्छा दोस्त था. उसने जरूरी काम बताकर बीरबल को अपने पास बुलाया.

सेठ ने बीरबल को सारी घटना बताई. सेठ ने कहा कि मुझे लगता हैं कि घर के किसी नौकर ने ही इस चोरी को अंजाम दिया हैं.

बीरबल के कहने पर सेठ ने सभी नौकरों को इकट्ठा किया.

बीरबल ने सभी नौकरों से पुछा कि सच सच बताओ चोरी किसने की?

जैसा यह होना चाहिए, किसी ने अपनी जबान नहीं खोली नहीं, न ही कोई इधर उधर हुआ.

सेठ और बीरबल एक दुसरे का मुंह देखने लगे, और सभी नौकरों को वापस भेज दिया.

दुसरे दिन बीरबल अपने साथ एक झूठे तांत्रिक को लाये, और उनके हाथ में कुछ छड़ियाँ थी.

बीरबल ने एक एक छड़ी सभी नौकर को पकड़ा दी. और कहा जिस किसी ने भी चोरी की हैं उसकी छड़ी कल दो इंच लम्बी हो जाएगी.

 इतना कहकर सभी नौकरों को वापस भेज दिया.

अगले दिन सभी नौकरों से छड़ियाँ वापस मांगी गई.

सेठ और बीरबल ने छड़ियों को ध्यान से देखा, और मुस्कराएँ.

दरअसल जिस नौकर ने चोरी कि उसने उसने अपनी छड़ी को काटकर दो इंच छोटी कर दी.

कहानी की सीख – आप झूठ को कितना ही क्यों नहीं छुपा ले, एक दिन वह सभी के सामने आकर ही रहेगा.

सब अच्छे के लिए होता है – SHORT STORY OF AKBAR AND BIRBAL

एक बार बादशाह अकबर का शिकार करने का मन हुआ. बादशाह अकबर अपने कुछ सैनिको के साथ बीरबल के साथ सीकर के लिए निकल पड़े. अकबर और बीरबल दोनों घोड़े पर सवार थे.

सैनिक पीछे पीछे पैदल चल रहे थे. बादशाह अकबर को कुछ महसुस हुआ और उन्होंने शिकार पर निशाना लगाने के लिए तीर निकाला.


जैसे ही बादशाह ने निशाना लगाने के तीर को साधा तो तीर ने नुकीले भाग से बादशाह चोटिल हो गए और खून निकल आया.
यह देखकर राजा बीरबल हंसने लगे. अकबर को गुस्सा आ गया. उसने बीरबल से पूछा, मुझे चोट लगी है और तुम हंस रहे हो.

तुम्हारी इतनी हिम्मत, मुझे दुःख हो रहा हैं और तुम हंस रहे हो. तब बीरबल बोला, क्षमा कीजिए जहापनाह! जो कुछ होता है सब अच्छे के लिए ही होता है. अकबर बोलता है, मुझे चोट लगी हैं और तुम्हे यह अच्छा लग रहा हैं.

अकबर गुस्सा होकर सैनिको को आदेश देता है कि, बीरबल को बंदी बनाकर बेड़ियों से जकड दो. अब बादशाह अकबर अकेले ही शिकार करने के लिए आगे बढ़ा. बादशाह अकबर थोडा आगे ही गया था कि, जंगली

आदिवासीयों ने अकबर को पकड़ लिया. वे अकबर की बलि चढाने के लिए अपने कबीले में ले गए.
अकबर की बलि चढने ही वाली थी कि, एक आदिवासी बोला, सरदार यह व्यक्ति तो अशुद्ध है. इसकी अंगुली से खून निकल रहा है. हम इसकी बलि कैसे चढ़ा सकते है.

कबीले के सरदार ने कहा, ठीक है इसे छोड़ दो. जब बादशाह अकबर जंगल से अपने महल पहुंचे तो राजा बीरबल से मिले और कहा, बीरबल मुझे माफ़ करना. तुमने सही कहा था. जो भी होता है, वो अच्छे के लिए होता है. मुझे तुमको सजा नही देनी चाहिए.

बीरबल फिर बोलता है, कोई बात नही जो होता ही अच्छे ले लिए होता है.

अकबर बोलता है – अब तुम मुझे क्या समझाना चाहते हो बीरबल.
बीरबल बोला, यही कि, जहापनाह यदि आपने मुझे सजा नही दी होती तो वो आदिवासी कबिले मेरी बलि चढ़ा देते.
फिर दोनों ठहाके लगाकर जोरदार हँसते है.

कहानी की सीख – जो होता वह अच्छे के लिए ही होता हैं.

1 नकली शेर की एक कहानी -akbar aur birbal story in hindi

अकबर बीरबल की इस कहानी में बीरबल की समस्या होती हैं एक नकली शेर. नकली शेर को बाहर निकालने के लिए बीरबल को कहा जाता हैं. बीरबल अपनी चतुराई से नकली शेर को बाहर निकाल देता हैं. अगर आप जानना चाहते हैं की बीरबल ने कैसे अपनी चतुराई से शेर को बाहर निकाला, तो नीचे लिंक पर क्लिक करके पूरे लतीफे का आनंद ले.

2 उपहार(gift) का बंटवारा – akbar birbal hindi story

बीरबल की चतुराई की परख आपको इस कहानी से मिल जाएगी. यह कहानी उस वक्त ही हैं जब बीरबल अकबर के दरबार में नहीं रहता था. उस वक्त बीरबल एक गाँव में रहता था, एक दिन बीरबल की चतुराई से प्रसन्न होकर अकबर ने बीरबल को दरबार में आने को कहा. बीरबल की किस चतुराई से अकबर प्रसन्न हुआ और बीरबल जब दरबार में पहुंचा तो किस प्रकार की परिस्थिति हुई की उस्को अपने उपहार का बंटवारा करना पड़ा. पूरी कहानी का लुफ्त उठाने के लिए यहाँ से button दबाकर पढ़े.

3 सबसे बड़ा हथियार क्या है – hindi story akbar birbal

अकबर का एक सवाल – सबस बड़ा हथियार कोनसा हैं? इस सवाल का जब बीरबल ने बड़ी ही चतुराई से ही दिया. कहानी पढने से पहले आप भी अपने दिमाग में निश्चय कर लीजिये की सबसे बड़ा हथियार कौनसा हैं? इस कहानी से जो प्रेरणा आपको मिलती हैं, टिप्पणी सेक्शन में जरूर लिखे.

4 समझदारी से भरा हुआ घड़ा – अकबर बीरबल की हिंदी कहानी

समझदारी से भरा घड़ा कहानी एक एसी कहानी हैं जिसमे अकबर के दरबार में एक दरबारी आता हैं जो धमकी लगाता हैं, वह उसको समझदारी से भरे हुए घड़े दे, अन्यथा उसका राजा अकबर की सल्तनत पर हमला कर देगा. इसलिए अकबर ने समझदारी का घड़ा भराने के लिए समझदार बीरबल का सहारा लिया, बीरबल ने अपनी समझदारी से उस घड़े को भर दिया और सबकी बोलती बंद कर दी. पूरा मजा तो आपको कहानी को पढ़कर ही आएगा.

5 सबसे बड़ा मुर्ख कौन हैं – akbar birbal stories in hindi

सबसे बड़ा मुर्ख कोन हैं? – अकबर के मन में इसका उतर जानने की इच्छा हुई, फिर क्या था अकबर ने बुलाया बीरबल को और कहा जाओ और सबसे मुर्ख को खोजकर लाओ. बीरबल ने अकबर से कुछ समय माँगा और निकल पड़ा – सबसे बड़े मुर्ख को खोजने में. बीरबल जल्दी ही पांच सबसे बड़े मूर्खो को खोजकर लाया. जब अकबर ने दरबार में सबके सामने बीरबल से पुछा की कौन हैं सबसे बड़ा मुर्ख? बीरबल का उतर सुनकर सभी अचम्भित रह गए. क्या आप भी जानना चाहते हैं की सबसे बड़ा मुर्ख कौन हैं? तो जानिए पूरी कहानी.

6 इत्र की एक बूँद – short story on akbar and birbal

अकबर एक बहुत बड़ा खुशमिजाजी किस्म का राजा था. एक दिन अकबर की ओछी हरकत को बीरबल ने पकड़ लिया. अब बीरबल इस बात का प्रमाण देने लग गया की उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया. इसलिए जिस विषय को लेकर अकबर ने शर्मिन्दगी महसूस की, उसी चीज का एक बड़ा हौद बनाया, और सभी गाँव वालों को बुलाकर फिर क्या किया…पढ़े पूरे किस्सा.

7 तीरंदाजी बीरबल – akbar or birbal story in hindi

जब आत्म सम्मान की बात आती हैं तो सभी को अपना प्रमाण देना पड़ता हैं. एक बार बीरबल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. बीरबल को सभी दरबारियों ने झांसे में लेकर कुछ ऐसा पुछा की बीरबल को प्रमाण देने के लिए स्वयं को आगे आना पड़ा. दरबारियों ने बीरबल से क्या पुछा और बीरबल ने क्या और किस तरह जवाब दिया. इस पूरे किस्से को जानने के लिए यहाँ से क्लिक करके पूरा जाने.

8 शहर का काजी – story of akbar and birbal

बीरबल अक्सर अपनी चतुराई से अपने आस पास के लोगो की समस्याओं को सुलजाया करते थे. इस कहानी में दो दोस्तों की लड़ाई हो जाती हैं. एक दोस्त अपनी समस्या लेकर बीरबल के पास गया. बीरबल ने पूरे मसले को समझ कर एक योजना बनाई. उस योजना के अनुरूप बीरबल ने उन दोनों दोस्ते के झगडे के मसले को शांत किया.

9 जल्दी बुलाकर लाओ – अकबर बीरबल की बुद्दिमानी की कहानी

एक बार अकबर ने अपने सेवको से अधुरा सवाल पुछा. सारे सेवक सवाल का पूरा अर्थ जाने बिना ही इधर उधर दौड़ने लगे. जब सेवको की भेंट बीरबल से हुई तो बीरबल ने एक ऐसी सूझ सुझाई, कि सारे सेवको के मन की प्यास बुझाई.

10 अकबर बीरबल की मजेदार कहानी – बीरबल नौ रत्न(दरबारी) कैसे बना

आप ये तो जानते होंगे की बीरबल बादशाह अकबर का दरबारी और एक नौरत्न था. क्या कभी आपने सोचा हैं की बीरबल बादशाह के दरबार तक कैसे पहुंचा, तो आप इस कहानी को पढ़कर भली भांति जान जायेंगे की बीरबल मुगल दरबार तक कैसे पहुंचा.

अकबर बीरबल की कहानिया(SHORT STORY OF AKBAR AND BIRBAL IN HINDI) हम नियमित रूप से उपलोड करते रहेंगे. इसलिए आप हमारे इस पेज से जुड़ सकते हैं और नयी कहानियों का आनंद सबसे पहले ले सकते हैं.

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