ड्रैगन फ्रूट(Dragon Fruit): खेती, घर पर खेती, फायदे-नुकसान, सवाल

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आपने कई बार ड्रैगन फ्रूट के बारें में सुना होगा. आप में से कई लोगों ने इसको खाया भी होगा. भारत में पहली बार ड्रैगन फ्रूट लगभग 1990 के आसपास आया था. ड्रैगन फ्रूट का साइंटिफिक नाम वाइट-फ्लेशेड-पतिहाया(White-fleshed pitahaya) हैं. ड्रैगन फ्रूट को हिंदी में ‘पिताया’ या ‘कमलम’ कहते हैं.

ड्रैगन फ्रूट भारत में अभी बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा रहा हैं. इसलिए लोगों के मन में इसको लेकर काफी सारे सवाल हैं.

यहाँ हम इसकी खेती से लेकर, इसके उपयोंग, फायदें, नुकसान और विभिन्न सवालों के उत्तर को जानने की कोशिश करेंगे.

ड्रैगन फ्रूट क्या हैं: Dragon fruit Hindi

ड्रैगन प्लांट दक्षिण-अमेरिका मूल का पौधा हैं. यह एक कैक्टस फैमिली का पौधा हैं. ड्रैगन प्लांट पौधे की अधिकतम ऊंचाई 2 मीटर तक होती हैं. ड्रैगन प्लांट पर लगने वाले फल को ड्रैगन फल(dragon fruit) कहते हैं.

ड्रैगन फ्रूट कैल्सियम, प्रोटीन, विटामिन-सी से भरपूर पौधा हैं. इम्यून सिस्टम और आयरन लेवल को बूस्ट अप करने के लिए यह एक उपयुक्त पौधा हैं.

Dragon fruit Hindi name: ड्रैगन फ्रूट को हिंदी में क्या कहते हैं?

ड्रैगन फ्रूट को हिंदी में ‘पिताया’ कहते हैं. भारत में इसको संस्कृत का नाम भी दिया गया हैं. ड्रैगन फ्रूट को संस्कृत में ‘कमलम’ कहते हैं.

ड्रैगन फ्रूट का वैज्ञानिक नाम क्या हैं: scientific name of dragon fruit

ड्रैगन फ्रूट का वैज्ञानिक नाम White-fleshed-pitahaya हैं. ड्रैगन फ्रूट के अलग अलग वेरिएंट आते हैं. अब तक भारत में लगभग 88 वेरिएंट के फ्रूट पैदा किये जाते हैं, जिनके नाम अलग अलग हैं.

जैसे -:

येल्लो ड्रैगन फ्रूट – सेलेनिसेरियस मेगालैंथस

रेड ड्रैगन फ्रूट – सेलेनिसेरियस अंडटस

पिंक ड्रैगन फ्रूट – हायलोसेरियस अंडैटस

अगर कभी आपके दिमाग में यह सवाल आये कि – सबसे अच्छा ड्रैगन फ्रूट कौनसा हैं?

तो अब तक सबसे बेस्ट ड्रैगन फ्रूट हायलोसेरियस अंडैटस को माना गया हैं.

ड्रैगन फ्रूट किस देश का पौधा हैं: Dragon Fruit Origon Country

ड्रैगन फ्रूट मूलतः मध्य और दक्षिण अमेरिका का पौधा हैं. दरअसल ड्रैगन प्लांट एक कैक्टस हैं. ड्रैगन फ्रूट आज एशिया, मध्य अमेरिका, मेक्सिको, अमेरिका, इजरायल में उगाया जाता हैं.

भारत में ड्रैगन फ्रूट 1990 में आया था. गुजरात, महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर इसका उत्पादन किया जाता है.

ड्रैगन फ्रूट की उत्पत्ति मध्य और दक्षिण अमेरिका में होती है। इस दिलचस्प पौधे को हम फल कहते हैं, लेकिन यह वास्तव में एक कैक्टस है। ड्रैगन फ्रूट आज एशिया, मैक्सिको, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, वियतनाम और इज़राइल में उगाया जाता है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे करे

dragon fruit farming in india: ड्रैगन फ्रूट एक उदासीन प्रकृति का पौधा हैं. मतलब इसको उगाने के लिए कोई खास जलवायु या मिटटी की आवश्यकता नहीं होती हैं.

ड्रैगन के पौधे या बीज के सहारे भी उगाया जा सकता हैं. ऑनलाइन भी इसके पौधे को मंगवा सकते हैं. एक मजे की बात यह हैं कि आप एक पौधे को एक बाग में बदल सकते हो. नहीं समझे?

मतलब पौधे की एक टहनी को तोड़कर अगर आप रोपेंगे तो वह नयी जड़ें(roots) पकड़ कर वहीँ उग जायेगा.

भारत में 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान तक यह पौधा आसानी से उग जाता हैं.

ड्रैगन पौधे को रोपने का सबसे अच्छा समय मार्च से जुलाई का हैं. बारिश में मौसम में यह पौधा तुरंत बढ़ता हैं. कई परिस्थितियों में ड्रैगन प्लांट पर पांच महीनों में फल लगने शुरू हो जाते हैं.

एक बार पौधा सही से पनप जाए तो 20 साल तक फल देता हैं. बिंना किसी विशेष खास रखरखाव में यह पौधा बड़ा हो जाता हैं.

रियल स्टोरी -: केरल में 72 साल के जोसेफ़ कराकाडू अपने युवा जीवन काल में मशीनों से काम करते थे. लेकिन, जब वह विदेश गए तो उन्होंने पहली बार ड्रैगन फ्रूट को देखा. वहां से कुछ टहनियां लेकर केरल आये और उनकी खेती करना शुरू किया.

आज वो लगभग 88 अलग अलग ड्रैगन फ्रूट के वेरिएंट विदेशों में सप्लाई करते हैं.

ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर वो कहते हैं कि – यह आश्चर्य की बात हैं कि ड्रैगन फ्रूट एक विदेशी पौधा हैं. लेकिन, आसानी से यह कहीं पर किसी भी जलवायु में उग सकता हैं. अगर आप इसके तने को कहीं किसी खेत में छोड़ते हैं, तो वहां पर भी यह अपनी जड़ें पकड़ लेगा.

जोसेफ पौधे को भी सेल करते हैं, उनके मुख्य ग्राहक गुजरात के किसान हैं. जोसेफ कहते हैं कि ड्रैगन का पौधा तुरंत बढ़ता हैं, इसलिए जब हमको आर्डर मिलते हैं, तभी वह पौधे को उगाना शुरू करते हैं.

जोसेफ यह भी कहते हैं कि पौधे को रोपने से पहले उसके स्वाद का टेस्ट किया जाता हैं. ड्रैगन फ्रूट की सैकड़ों किस्मे हैं. कई किस्मों का टेस्ट अच्छा नहीं हैं.

एक पौधा स्वाद के अनुसार बिकता हैं. ड्रैगन प्लांट की कीमत 100 रुपयें से लेकर 1200 तक हो सकती हैं. जोसेफ जिन पौधों को बेचते हैं. उन पर लगने वाले फल का वजन 250 से 400 ग्राम के बीच होता हैं.

घर पर ड्रैगन फ्रूट कैसे उगाये

dragon fruit farming at home in india: आप में से कई लोग शहरो में रहते होंगे और सोच रहे होंगे की क्या ड्रैगन फ्रूट की खेती घर पर की जा सकती हैं. तो इसका उत्तर हैं हां बिक्लुल ड्रैगन फ्रूट की खेती घर पर की जा सकती हैं.

बंगलोर में रहने वाली इंदिरा अशोक शाह ने घर पर ही बर्तनों में ड्रैगन फ्रूट को उगाया हैं. आप भी उनके सुझाव को नोट कर सकते हैं.

इस्न्दिरा शाह कहती हैं कि गर्म तापमान में यह पौदः बढ़िया तरीके से बढ़ता हैं. आजकल भारत के किसान विदेशी पौधों को उगा रहे हैं और इनका निर्यात आकर रहे है, यह कहीं न कहीं भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के अनुकूल हैं.

अच्छी बात यह हैं कि इसको घर पर भी उगाया जा सकता हैं. इन्दिरा शाह के छत पर दो गमलों में पौधे रखे हुए हैं.

इंदिरा शाह कहती हैं, की नर्सरी से पौधा लेकर उगाने में ज्यादा फायदा हैं. हालाँकि बीज से भी इसको उगाया जा सकता हैं, लेकिन बढ़ने में बहुत अधिक समय लग जाता हैं.

शाह एक सीजन में एक पौधे से 10 फल प्राप्त करती हैं.{नोट -: जनरल खेती करने वाले किसान एक साल में तीन बार फल प्राप्त करते हैं किनकी संख्या लगभग 50 से 100 के बीच हैं, अर्थात एक पौधा एक साल में 100 फल दे सकता हैं}

ध्यान रखने योग्य बातें

आप जिस भी बर्तन का इस्तेमाल करें उसका आकर कम से डेढ़ फीट चौड़ा और दो फीट की गहराई तक का होना चाहिए.

एक महत्वपूर्ण बात ड्रैगन फ्रूट को कीड़ा लगता हैं, जिसकी पहचान तनों पर पड़ने वाले गड्ढों से की जा सकती हैं. इसके लिए किसी कीटनाशक का प्रयोग किया जा सकता हैं.(आपको जो उपलब्ध हो जाए)

कीड़े लगने का आम कारण -: चीटियाँ और अफिड्स.

ड्रैगन को सही से ग्रोथ करवाने के लिए महीने में एक बार उसमें खाद डाल दे. जब आपको लगे की मिटटी सुख रही हैं, तो पानी डाल दे.

धुप का पूरा ध्यान रखे. बर्तन काफी बड़ा होगा, इसलिए बार बार आप उसको उठाने में असर्मथ होंगे इसलिए. पहले ही ऐसे स्थान पर रखे, जहाँ धुप पर्याप्त हो.

इस तरह से इंदिरा शाह ड्रैगन फ्रूट के साथ और कई अन्य सब्जियों की घर पर ही बागवानी करती हैं.

चलिए अब खेती से कुछ ड्रैगन फ्रूट के कुछ फायदों के बारें में जान लेते हैं.

ड्रैगन फ्रूट के फायदे: dragon fruit ke fayde

Dragon fruit nutrient: ड्रैगन फ्रूट के प्रति 170 ग्राम में – केलोरी 102, विटामिन-सी(4 mg), प्रोटिन(2 gm), कैल्शियम(31 mg), फाइबर (5 mg), और शुगर(13 gm) पाया जाता हैं.

dragon fruit benefits: vitamin c युक्त ड्रैगन फ्रूट क्रोनिक बीमारी, हैवी ब्लड प्रेशर, हार्ट डिस आर्डर को मेनेज करने में मदद करता हैं. इसके अलावा विटामिन सी इम्युनिटी को बढ़ाने में सहायक होता हैं.  

ड्रैगन फ्रूट में मौजुद आयरन शरीर में ओक्सीजन के फ्लो को बेहतर बनाये रखता हैं.

ड्रैगन फ्रूट में फेट बिलकुल नहीं होता हैं. इसलिए यह सुबह के लिए अच्छा नाश्ता हो सकता हैं. सुबह इसको खाने से ब्लड में सुगर लेवल को मेंटेन रखता हैं.  

अभी इस फ्रूट पर बहुत सारी रिसर्च चल रही हैं. इसलिए इसका अति सेवन नहीं करना चाहिए.

ड्रैगन फ्रूट के नुकसान: dragon fruit ke nuksan

dragon fruit side effects: ड्रैगन फ्रूट खाने वालो में कभी कभी एलर्जी जैसे – जीभ में सुजन, उल्टी शामिल हैं. लकिन ऐसा होने के चांस बहुत कम हैं

एक और बात मान लो कि आपने ड्रैगन फ्रूट खाया हैं, तो हो सकता हैं कि आपके टॉयलेट का कलर लाल हो सकता हैं. इसमें घबराने की कोई बात नहीं है. एक बार के बाद यह वापस नार्मल हो जायेगा.

निष्कर्ष -: कुल मिलकर ड्रैगन फ्रूट के फायदे अधिक हैं.

ड्रैगन फ्रूट को कैसे खाए

ड्रैगन फ्रूट को कई तरीकों से खाया जा सकता हैं. ड्रैगन फ्रूट को खाने के लिए सलाद बनाया जा सकता हैं. इसका जूस भी बनाया जा सकता हैं. ध्यान रखे: – ज्यादा पका हुआ फल नहीं खरीदे. खाने से पहले इसको अच्छे से छील ले. खाल(skin) को पूरी तरह से निकाल दे. जैसा चाहे वैसा काट ले.

ड्रैगन फ्रूट किसको नहीं खाना चाहिए

ड्रैगन फ्रूट बॉडी के सुगर लेवल को कम कर सकता हैं. इसलिए ज्यादा मात्रा में ड्रैगन फ्रूट खाने वाले सुगर को मोनिटर करे. दूसरा, सर्जरी वालों को सर्जरी से पहले और बाद में कम से कम कुछ हफ़्तों तक इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

ड्रैगन फ्रूट की तासीर कैसी होती हैं?

ड्रैगन फ्रूट को किसी भी मौसम में लिया जा सकता हैं. यह स्वस्थ शरीर को किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं करता हैं. अगर कोई सोचे कि ड्रैगन फ्रूट से ठण्ड लग जाएगी तो, ऐसा बिलकुल भी नहीं है. अगर कोई यह सोचे कि ड्रैगन से किल मुहांसे निकल आयेंगे तो, ऐसा भी नहीं है. इसलिए ड्रैगन फ्रूट न तो गर्म हैं न हो ठंडा.  

क्या प्रेगनेंसी में ड्रैगन फ्रूट को खाया जा सकता है?

can pregnant women eat dragon fruit: हाँ! प्रेगनेंसी में ड्रैगन फ्रूट को खाया जा सकता हैं. बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान ड्रैगन फ्रूट को खाने के कई फायदे हैं. ड्रैगन फ्रूट में मोनो-अनसैचुरेटेड फैट होता है जो भ्रूण(पेट में पल रहे बच्चे) के मस्तिष्क के विकास में मदद करता है.

लाल ड्रैगन के फायदे

red dragon fruit benefits: अक्सर ऐसा पाया जाता हैं कि रेड ड्रैगन फ्रूट दुसरे अन्य रंग से ज्यादा बेहतर हैं, इसका कारण यह हैं कि लाल रंग के फल और सब्जियों में अधिक मात्र में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता हैं. इसलिए लाला रंग का ड्रैगन फ्रूट दुसरे रंग के ड्रैगन फ्रूट से अधिक बेहतर हैं.

लाल रंग का ड्रैगन फ्रूट आँख, स्किन और ब्लड के लिए बढ़िया होता हैं.  

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ड्रैगन फ्रूट कहा का प्रसिद्ध हैं?

ड्रैगन फ्रूट वियतनाम का प्रसिद्ध हैं.

एक दिन में कितने ड्रैगन फ्रूट खा सकते हैं?

एक दिन में 200 से 400 ग्राम तक ड्रैगन फ्रूट खा सकते हैं. इससे ज्यादा कहने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन एक समय न खाए.

क्या खाली पेट ड्रैगन फ्रूट खा सकते हैं?

हां, खाली पेट ड्रैगन फ्रूट खाया जा सकता हैं. अभी तक कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं देखा गया है. लेकिन जिनको कोई डिस-आर्डर हैं वे एक बार डॉक्टर से परामर्श कर लेवे.

 ड्रैगन फ्रूट का स्वाद कैसा होता हैं?

अलग अलग किस्मों के ड्रैगन फ्रूट का टेस्ट अलग अलग होता हैं. आमतौर पर ड्रैगन फ्रूट का टेस्ट कम मीठा, आसानी से बीज टूट जाते हैं(किवी की तरह) इसलिए थोड़ा क्रंची टाइप का लगता है.

क्या घर पर ड्रैगन फ्रूट को उगा सकते हैं?

घर पर बड़े बर्तन में ड्रैगन फ्रूट को उगाया जा सकता हैं. एक बड़ा 2 by 2 का बर्तन लेकर उसमे मिटटी खाद डालकर पौधे को रोप दें. जब मिटटी सुखी लगे तो पानी डालते रहे. आपका प्लांट बड़ा हो जायेगा, और फल भी लगेंगे.

ड्रैगन फ्रूट कितने रुपयें किलों मिलता हैं?

ड्रैगन फ्रूट लगभग 100 रूपये से लेकर 200 रुपए किलों तक बिकते हैं. बागवानी इलाकों के नजदीक और दूर के इलाकों में थोड़े महंगे बिकते हैं.

ड्रैगन फ्रूट के बारे में आपने लगभग सब कुछ जान लिया होगा, कोई सवाल हैं, तो आप कमेंट बॉक्स में लिखिए.

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