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Job vs Business in Hindi – नौकरी करें या बिजनेस, किसको चुने?

नौकरी और बिजनेस में अंतर(Job vs Business in Hindi)

नौकरी और बिजनेस(Job vs Business in Hindi) दोनों में से किस को चुनना चाहिए? नौकरी और बिजनेस(Difference Between Job and Business in Hindi) में क्या अंतर हैं? सरकारी या प्राइवेट नौकरी बनाम बिजनेस(Job vs Business).

Job vs Business in Hindi – नौकरी  VS बिजनेस

Job vs Business – जीवन को अच्छे से जीने के लिए और अपने परिवार का निर्वाह करने के लिए हर कोई एक ऐसे स्रोत की तलाश में रहता हैं, जिससे कि उसके पास पैसे आ सके. पैसे का स्रोत सरकारी नौकरी, प्राइवेट नौकरी या फिर कोई बिज़नस हो सकता हैं. इस पोस्ट में आपको अच्छे से समझ में आ जायेगा कि आपको एक नौकरी करनी चाहिए या कोई बिजनेस(job vs business in Hindi). सरकारी नौकरी और बिजनेस में अंतर(Difference Between Job and Business) जानने से पहले मैं आपको कुछ विशेष सुझाव देना चाहूँगा. आप इन सुझावों को अपने अंतिम निर्णय का आधार मान सकते हैं.

  • 1 नौकरी करो या बिज़नस, कोई फर्क नहीं पड़ता. मेहनत दोनों जगहों पर करनी पड़ती हैं. नौकरी को लगाने से पहले करनी पड़ती हैं और बिजनेस को लगाने के बाद करनी पड़ती हैं.
  • 2 अगर आपने अभी ही किसी नौकरी की तैयारी शुरू की हैं तो आपका मन बिजनेस की तरफ भागेगा और अगर नया बिजनेस शुरू किया हैं तो आपका मन नौकरी की तरफ भाग सकता हैं.(ये अक्सर उन लोगों के साथ होता हैं जिनके इरादे कच्चे होते हैं.) इसलिए अपने निर्णय पर टिके रहे.
  • 3 अगर आपने अभी तक कोई विचार नहीं किया हैं तो आप अपने इंटरेस्ट और आदतों के आधार पर अपना लक्ष्य चुन सकते हैं.
  • 4 नौकरी और बिजनेस दोनों ही अपने स्थान पर सही हैं, छोटा बड़ा, कम ज्यादा कुछ नहीं होता हैं. बशर्ते आप जो करते हैं लगन और चाहत के साथ करते हैं.
  • 5 अगर आप निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं तो कभी भावनाओं में आकर निर्णय न लें.

बिज़नस और नौकरी के बीच अंतर को अच्छे से समझाने के लिए हम यहाँ कुछ विशेष सवालों के उत्तर जानने की कोशिश करेंगे? इस पोस्ट के आखिर तक आप यह तय करना कि आपको कौनसे प्रश्न ने सबसे अधिक प्रभावित किया.

प्रश्न -: सरकारी नौकरी ही क्यों करनी चाहिए ?

प्रश्न -: प्राइवेट नौकरी ही क्यों करनी चाहिए ?

प्रश्न -: बिज़नस ही क्यों करना चाहिए ?

इन्ही प्रश्नों के बीच आपको तीनों के बीच परस्पर अंतर जानने को भी मिलेगा.

जॉब क्या हैं ?

जॉब को एक कम समय के लिए या पूर्ण समय के लिए किसी के दायरे में रोजगार के एक स्रोत के रूप में पहचाना जाता हैं.  जॉब-कर्ता को एक विशिष्ट प्रकार के कार्य के लिए या जिम्मेदारी के लिए जाना जाता हैं. नौकरी या जॉब में पूर्व निर्धारित वेतन मिलता हैं. यह निर्धारित वेतन जॉब के प्रकार पर निर्भर करता हैं.  

नौकरी करने का मतलब यह होता हैं कि आप किसी के लिए काम कर रहे हैं. आपके ऊपर एक बॉस होता हैं, जो आपको काम सौंपता हैं, जिसको आपको पूरा करना होता हैं.

सरकारी नौकरी ही क्यों करनी चाहिए

  • सरकारी नौकरी का सबसे बड़ा फायदा यह होता हैं कि इसमें एक रिस्क फ्री जिंदगी जीने का मौका मिलता हैं. इसलिए जो लोग जोखिम लेने से डरते हैं, उनको सरकारी नौकरी की तरफ अपने कदम बढ़ने चाहिए.
  • सरकारी कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा और बीमा जैसी योजनाओं का लाभ भी मिलता हैं. कुछ बड़े पदों पर रहने वाले अधिकारीयों के लिए आवास स्थल भी दिए जाते हैं. ग्रुप A के ऑफिसर को सरकारी गाड़ी भी दी जाती हैं. 
  • सरकारी पद के पॉवर के बल पर समाज में इज्जत और पहुँच बढ़ जाती हैं.

आप ये तो जान गए होंगे कि सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी को क्या क्या फायदे मिलते हैं. सरकारी नौकरी के फायदों के साथ साथ आपको यह भी जान लेना चाहिए कि सरकारी नौकरी किन लोगों को नहीं करनी चाहिए.

सरकारी नौकरी क्यों नहीं करनी चाहिए

  • सरकारी नौकरी में कोई बुराई नहीं हैं, लेकिन सरकारी नौकरी से सब कुछ हासिल नहीं किया जा सकता हैं. सरकारी नौकरी की फिक्स सैलेरी से एक साधारण जिंदगी को जिया जा सकता हैं. इसलिए जो लोग एक लक्ज़री जीवन जीना चाहते हैं, उनको सरकारी नौकरी से हटकर कुछ करना चाहिए.
  • जो लोग जीवन में रिस्क लेना चाहते हैं और अपने डिसीजन खुद लेना चाहते हैं उनको सरकारी नौकरी से हटकर कुछ और करना चाहिए. 
  • वे लोग जो अपने मन के अन्दर सैकड़ों इच्छाएं (जैसे गाड़ी, बड़ा घर, महँगी होटलों में खाना, घूमना फिरना) पालकर रखते हैं, उनको सरकारी नौकरी कि बजाय बिज़नस क्षेत्र या हाई पेड सेलेरी की तरफ जाना चाहिए.

 प्राइवेट नौकरी क्यों करनी चाहिए

  • प्राइवेट नौकरी में सरकारी नौकरी की तुलना में ज्यादा सैलेरी की अपेक्षा की जा सकती हैं, शर्त यह हैं कि आपके पास कोई विशेष स्किल हो. हमारे देश में कुछ लोग सरकारी नौकरी की चाहत रखते हैं वहीँ कुछ लोग प्राइवेट नौकरी की चाहत भी रखते हैं.
  • मजेदार बात यह हैं कि जिन लोगो को सरकारी नौकरी नहीं मिल पाती हैं, उनको मजबूरन प्राइवेट सेक्टर में प्रवेश करना पड़ता हैं. यहाँ उनके पास कोई विशेष स्किल नहीं होने के कारण उनको खास सेलेरी नहीं मिल पाती हैं.
  • अगर कीसी के पास कोई विशेष स्किल हैं और वह उस क्षेत्र में अच्छा कर सकता हैं तो उसको प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की तलाश करनी चाहिए.
  • प्राइवेट जॉब में एक्सपीरियंस की डिमांड करते हैं. जैसे जैसे आपका अनुभव बढ़ता हैं आपकी वैल्यू भी बढती जाती हैं. इसलिए प्राइवेट जॉब में गवर्नमेंट जॉब की तुलना में ग्रोथ दर अधिक होती हैं.
  • जो लोग अपनी मर्जी से प्राइवेट जॉब करते हैं, वे संतुष्ट रहते हैं और हर रोज कुछ नया सीखते हैं. तो ये थी कुछ प्राइवेट जॉब की कुछ खूबियाँ, अब आपको यह भी जान लेना चाहिए की प्राइवेट नौकरी किन लोगों को नहीं करनी चाहिए.

प्राइवेट नौकरी क्यों नहीं करनी चाहिए

  • प्राइवेट नौकरी का सबसे बड़ा ड्राबैक यह हैं कि एक बार रिटायर होने के बाद आपको किसी प्रकार की कोई पेंशन नहीं मिलेगी और न ही दूसरी सुविधाएँ. बेरोजगारी से छुटकारा पाने के लिए कुछ लोग मजबूरन प्राइवेट जॉब पकड़ते हैं, इसलिए प्राइवेट जॉब उनको एक बोझ लग सकती हैं.
  • प्राइवेट जॉब असुरक्षित होती हैं, अगर किसी दिन आपकी कंपनी को घाटा हुआ तो प्राइवेट नौकरी खतरे में आ सकती हैं.
  • कॉम्पिटिशन बढ़ने के कारण आपसे बेहतर लोगो को आपसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी.
  • सरकारी नौकरियों की तरह प्राइवेट जॉब में भी छुट्टियों का अभाव होता हैं.

अब तक आप समझ गए होंगे कि सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी में क्या अंतर हैं? चलिए अब तुलना करते हैं, सरकारी और प्राइवेट नौकरी की बिज़नस के साथ. इसी के साथ आपको यह भी मालूम पड़ जायेगा की किसी को बिज़नस ही क्यों करना चाहिए?

व्यवसाय क्या है(BUSINESS KYA HAI)?

बिज़नस की सबसे अच्छी परिभाषा यह है कि यह एक ऐसा संगठन है जिसका एक पेशेवर, वाणिज्यिक और गैर-व्यावसायिक उद्देश्य होता है. बिज़नस दो या दो से अधिक लोगों का एक संग्रह है जो एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम करता हैं. बिज़नस एक व्यक्ति का भी हो सकता है. बिज़नस का उद्देश्य लाभ कमाना होता हैं, कभी कभी ये गैर लाभकारी भी हो सकता हैं. 

नौकरी और बिज़नस में अंतर(difference between job and business in Hindi)

  • नौकरी में आपके पास मालिकाना हक़ नहीं होता हैं, आपको किसी के अधीन होकर काम करना पड़ता हैं. जबकि बिज़नस में अंतिम निर्णय लेना आपके हाथ में होता हैं, और इसके लिए आप पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं.  
  • बिज़नस के साथ नौकरी जैसा बर्ताव किया जा सकता हैं, जबकि नौकरी में ऐसा नहीं किया जा सकता.
  • एक बिज़नस में की दिनचर्या नियमित नहीं रहती जबकि एक नौकरी वाले को एक नियमित दिनचर्या की पालना करनी पड़ती हैं.
  • कुछ बिज़नस मैंन बिज़नस को लेकर हर वक्त चिंतित रहते हैं, जबकि नौकरी करने वाले को छुट्टी के बाद एक फ्री जिंदगी जीने का मौका मिलता है.
  • बिज़नस से आप कीसी दूसरों को जॉब दे सकते हैं. जो की दूसरों के जीवन को नया अर्थ देंगे.
  • बिज़नस में मार्केटिंग मैनेजमेंट और बजट बनाने से लेकर पूरी इकोनॉमिक्स को संभालना होता हैं, ये एक तरह से काम की दक्षता को बढ़ाने में मदद करेगा. वहीँ दूसरी तरफ आपके लिए एक जोखिम भरा भी हो सकता हैं.
  • बिज़नस में आप सम्पूर्ण मुनाफे के हकदार होते हैं. जबकी जॉब में आपकी सैलेरी पहले से ही तय हो जाती हैं. 
  •  एक बिज़नस मैन खुद का मालिक होता हैं, उससे ऊपर कोई नहीं होता हैं. काम में कमी पेशी होने पर भी डांटने वाला कोई नहीं हैं. लेकिन नौकरी में हमेशा कुशल लोगों को ऊपर रखा जाता हैं.
  • व्यवसाय चलाकर आप अपने सपनों के पीछे भाग सकते हैं, वहीँ नौकरी करने वाले दूसरों के सपनों के लिए मेहनत करते हैं.
  • एक बिज़नस मैंन को अपना बिज़नस स्थापित करने के लिए फण्ड की जरुरत होती हैं, जबकि नौकरी के लिए कोई फण्ड की जरुरत नहीं होती हैं. एक इंटरव्यू के जरिये नौकरी को हासिल किया जा सकता हैं.
  • शुरूआती दौर में बिज़नस को नुकसान होने की संभावना बहुत अधिक होती हैं, वहीँ एक बार नौकरी लगने के बाद नुकसान की संभावना कम रहती हैं.
  • एक बिज़नस मैन को ग्राहकों की मांग पर पूरा ध्यान रखना पड़ता हैं, इसके लिए उसको उच्च विशेषज्ञता की आवश्यकता होती हैं. नौकरी में केवल प्रोजेक्ट को पूरा करना होता हैं.
  • बिज़नस में दूसरी कंम्पनियों के साथ प्रतिस्पर्धा की गर्मी बनी रहती हैं, इसके लिए बिज़नस मैन को हमेशा एक एकदम आगे सोचना पड़ता हैं. जबकि नौकरी करने वाले को ऐसा कुछ करने की जरुरत नहीं होती हैं.

नौकरी और बिज़नस में समानता(job and business in Hindi)

  • भारत जैसे देश में बेरोजगारी लगातार बढती जा रही हैं. अगर आंकड़ों की बात करें तो अक्टूबर 2021 में बेरोजगारी दर 7.75 प्रतिशत बढ़ गयी हैं, जो की तीन महीने पहले 6.86 प्रतिशत थी. प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत लोग नए बिज़नस को स्थापित कर रहे हैं. इन आंकड़ों से यह अनुमान लगाया जा सकता हैं कि एक नौकरी को प्राप्त करने और एक बिज़नस को स्थापित करने के लिए संघर्ष करना पड़ता हैं.
  • जैसे जैसे बिज़नस बड़ा होता हैं, उसमें ग्रोथ होती हैं. ठीक उसी तरह जैसे जैसे नौकरी में अनुभव बढ़ता हैं, तो प्रमोशन होता हैं. लेकिन इनके बढ़ने की दर अलग अलग होती हैं.
  • बिज़नस और नौकरी दोनों बोरिंग हो सकती हैं अगर आपको उसमें इंटरेस्ट नहीं हैं.
  • बिज़नस और नौकरी करना आदमी के स्वभाव पर निर्भर करता हैं. एक आदमी नौकरी से संतुष्ट हो सकता हैं वहीँ दूसरा आदमी बिज़नस की तरफ आकर्षित हो सकता हैं.
  • कोई भी बिज़नस और नौकरी तभी सफल हैं जब आप उसको अपने मन से करते हैं.

आप कैसे निर्णय लेंगे की आपको नौकरी करनी हैं या बिज़नस(nauakri kare ya business)

ऊपर कही पर भी इस बात का जिक्र नहीं हुआ कि हमको नौकरी करनी चाहिए या बिज़नस. अब तक हमनें नौकरी और बिज़नस में अंतर के बारें में बात की हैं, लेकिन अब बात करते है कि नौकरी करनी चाहिए या बिज़नस. यहाँ कुछ पॉइंट्स हैं, जो आपकी मदद करेंगे कि आपको नौकरी और बिज़नस में किसको चुनना चाहिए(nauakri kare ya business dono me se konsa best hai?).

My Quote – Job vs Business -: आप जो कर रहे हैं, अगर उसका कोई कारण नहीं हैं तो आप उसको पूरा नहीं कर पायेंगे.

– PRAVEEN

1 उस विषय को ध्यान में लेकर आइयें , जो आपने अपने भविष्य के लिए सोच कर रखा हैं, आपको अपना लक्ष्य मिल जायेगा.

2 अगर आपने अभी तक कुछ नहीं सोचा हैं तो आप स्वतंत्र हैं. आप खुद से एक प्रश्न पूछ सकते हैं कि आपको क्या करना चाहिए?

3 थोड़ा समय देकर इसका विश्लेष्ण कीजिये कि आपको नौकरी करनी हैं तो क्यों करनी हैं? और, बिज़नस करना हैं तो क्यों करना हैं?  

4 खुद से सवाल पूछिए कि आप इस जीवन से क्या चाहते हैं?

5 अपने स्वभाव को पहचानिए,

  • a क्या आप नियमित अनुशासन से 9 से 5 तक एक जगह टिक पाएंगे?
  • b क्या आप किसी रिस्क को सहन कर पाओंगे?
  • c क्या आपकी इच्छाएं बहुत बड़ी हैं?
  • d क्या आप एक शांत और सादगी जीवन जीना चाहते हैं?
  • e क्या आप जल्दी रिटायर होना चाहते हैं?
  • f क्या आप में सही निर्णय लेने की क्षमता हैं?
  • g क्या आप रोजाना नए नए टास्क लेने के लिए तैयार रह सकते हैं?
  • h क्या आप धैर्यवान हैं?

हाँ और ना में इन उत्तरों को देने कि कोशिश करों. आपको जो भी उत्तर निकालो उसको कमेंट बॉक्स में लिखिए हमको जानकर ख़ुशी होगी.

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नौकरी और बिज़नस(Job vs business in Hindi) में किसको चुनना चाहिए और नौकरी और बिज़नस में अंतर क्या हैं(difference between job and business in Hindi), इन पर विस्तार से चर्चा की हैं. नौकरी और बिज़नस(Job vs Business) में आप क्या करना पसंद करते है? इसकी टिप्पणी कमेंट बॉक्स में जरूर करें.

4 thoughts on “Job vs Business in Hindi – नौकरी करें या बिजनेस, किसको चुने?”

  1. Hello sir
    Am mahesh
    Mera chota business he street food ka, mere yaha cook ko salary b high he but ab me bahut confused hu, q ki business theek se nahi chal raha salary dene me bahut dikat ho rahi he, income nahi nikal raha he, hamare yaha mera relative hotel open karne wale he high professional, muje udar job lag sakti he pr mai bahut confused hu kuch samaj nahi aa raha muje mere sapne b adure he ushe b pura karna he…
    Kuch suggestion ho to plz share kariye…

    1. job me Kuch pratishat tak security milti hai…..lekin tarkki khud ke business se hi possible hai….
      apne stall par kuch ready made products ko shamil kijiye..jiskeo banane me cook ki jarurat nahin padti hai….food quality me sudhar laiye….cusotmer apne aap badh jayenge….. agr 1989 aapki birth year hai to shayad aap sadhi shuda bhi ho sakte hain…. apni wife ki bhi kuch helop lijiye…..staff ko kam kijiye aur self workload ko badha dijiye kuch samay ke liye…..thodo mehnet aap kijiye aur thodi Ramji karenge..

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