Medical Store Kaise Khole – मेडिकल स्टोर कैसे खोले 70 80 प्रतिशत मार्जिन कमाए

मेडिकल स्टोर कैसे खोले Medical Store Kaise Khole – दोस्तों, जैसे जैसे दुनिया बदल रही हैं. लोग ज्यादा से ज्यादा बिमारियों से घिर रहे हैं. आज के समय में एसा कोई इंसान नही होगा जिसने मेडिकल का कोई सामान उपयोग नहीं किया हो. अपने पूरे जीवन में एक इंसान को कई बार मेडिकल स्टोर पर जाने का काम पड़ता हैं. ऐसे में एक मेडिकल स्टोर की अहमियत और अधिक बढ़ जाती हैं.

इसी बात को लेकर कई लोग इस विचार में रहते हैं की खुद का मेडिकल स्टोर कैसे खोले(medical store kaise khole)?  

तो, अभी हम आपको बताएँगे की खुद का मेडिकल स्टोर कैसे खोले(medical store kaise khole) या मेडिकल एजेंसी कैसे खोले(medical agency kaise khole).

मेडिकल स्टोर कैसे खोले(medical store kaise khole):

एक मेडिकल स्टोर या एजेंसी को शुरू करने के लिए आपको बहुत सारे स्टेप्स को पूरे करने होते हैं. यहाँ हम आपको सब स्टेप्स के बारें में विस्तार से बताएँगे. जिसने अभी अभी मेडिकल स्टोर खोलने का विचार किया हो, तो वह भी इस पोस्ट को पढने के बाद यह तय कर पायेगा की किस तरह वह अपना मेडिकल स्टोर शुरू कर सकते हैं.

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आपको पहले फार्मेसी के लाइसेंस की जरुरत पड़ेगी. इसके लिए आपको अलग से डिप्लोमा कोर्स करना पड़ेगा. इसके बाद आपको अपने दुकान का ट्रेड लाइसेंस रजिस्टर करवाना होगा. तो चलिए जानते हैं की मेडिकल शॉप कैसे खोले?

इन दो तरीकों से मेडिकल स्टोर खोले:

मेडिकल स्टोर को आप दो तरीकों से खोल सकते हैं. पहला अगर आपने डी-फार्मा, एम-फार्मा या बी-फार्मा का कोई कोर्स कर रखा हो. दूसरा अगर आपने इनमे से कोई कोर्स नहीं कर रखा हैं तो भी मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं.

अगर किसी के पास इन्वेस्ट करने के लिए बहुत ज्यादा पैसा नहीं हैं तो उसको पहले डी-फार्मा, एम-फार्मा या बी-फार्मा तीनों में से एक कोर्स करना होगा. पहले आपको यह जान लेना चाहिए की यह डी-फार्मा, एम-फार्मा या बी-फार्मा क्या होता हैं? या मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए ?

डी-फार्मा – यह फार्मेसी का दो साल का कोर्स होता हैं. इसे फार्मेसी में डिप्लोमा(diploma in pharmacy) कहते हैं. दो साल इस कोर्स को करने के बाद आप को तीन महीने के लिए किसी इसे स्थान पर ट्रेनिंग लेनी होती हैं, जहाँ मरीज आते जाते हैं. यह काम सरकारी हॉस्पिटल में पूरा हो सकता हैं. इसके बाद आपको लाइसेंस मिल जायेगा

बी-फार्मा – यह फार्मेसी में का तीन साल का कोर्स होता हैं. इसे बेच्लर ऑफ़ फार्मेसी कहते हैं. यह आपको किसी मान्य यूनिवर्सिटी या कॉलेज से पूरा करना होता हैं. इसके बाद आपको कॉलेज से सर्टिफिकेट मिल जायेगा और आप अपने दुकान को शुरू कर सकते हैं. मेडिकल स्टोर को शुरू करने के अलावा आप गवर्नमेंट या प्राइवेट हॉस्पिटल में फार्मासिस्ट, ड्रग इंस्पेक्टर, फूड इंस्पेक्टर, मेडिकल अंडरराइटर भी बन सकते हैं.

 एम-फार्मा – यह फोर्मेसी का दो साला का कोर्स होता हैं. इसे मास्टर ऑफ़ फोर्मेसी कहते हैं. यह कोर्स बी-फार्मा के बाद होता हैं. इस कोर्स के बाद आप मेडिकल स्टोर तो खोल ही सकते हैं, इसेक साथ साथ आप रिसर्च भी कर सकते हैं.

तो अगर आपके पास इनमें से कोई डिग्री हैं तो आप अपना खुद का मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं. लेकिन यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं हैं, और आप बिना डिग्री लिए मेडकल स्टोर खोलना चाहते हैं, तो भी मेडिकल स्टोर खोल(medical agency kaise khole) सकते हैं.

इसके लिए एक फार्मेसी किये हुए सख्स की जरुरत पड़ेगी. आप उस सख्स को अपने दुकान पर रख सकते हैं और उसके लाइसेंस के आधार अपना खुद का मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं.

Business Ideas In Hindi

मेडिकल स्टोर के प्रकार:

यहाँ आपकी सुविधा के लिए मैं आपको मेडिकल स्टोर के कुछ प्रकार एक बारें में बता देता हूँ. अगर आपको यह पता होगा की मेडिकल स्टोर कितने प्रकार के होते हैं? तो आप अपने लक्ष्य को बेहतर तरीके से समझ पाएँगे. मेडिकल स्टोर चलाना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती हैं, जरा सी चुक ग्राहकों के लिए घातक हो सकती हैं. इसलिए आपको यह तय कर लेना चाहिएय की आप मेडिकल स्टोर के जरिये क्या क्या बेचने वाले हैं?

हॉस्पिटल के पास मेडिकल स्टोर: इस प्रकार के मेडिकल स्टोर या तो हॉस्पिटल के अन्दर खोले जाते हैं या हॉस्पिटल एक तुरंत बाहर खोले जाते हैं. इस मेडिकल स्टोर में हॉस्पिटल के रोगियों के लिए दवाइयों को बेचा जाता हैं. इस प्रकार के मेडिकल कुछ विशेष दवाइयों को ही बेचते हैं, जो हॉस्पिटल के डॉक्टर लिखते हैं.

स्टैंड-अलोन मेडिकल स्टोर: यह सबसे आम प्रकार का मेडिकल स्टोर हैं. यश मेडिकल स्टोर आम तौर आवासीय क्षेत्रों में होता हैं, जहाँ लोग अपनी जनरल जरूरतों के लिए मेडिकल स्टोर पर जाते हैं. इसमें ग्राहक बिना डॉक्टर की सलाह से मेडिकल पर विजित करते हैं.

चेन फार्मेसी / फ्रैंचाइज़ आउटलेट: अगर कोई किसी के नाम पर या किसी दुसरे ब्रांड के नाम से मेडिकल स्टोर को खोलते हैं तो उस मेडिकल को ब्रांड के नियमों के अनुसार दवाइयों को बेचना होता हैं.

मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए फोर्मेसी का लाइसेंस लेने के बाद और अपना लक्ष्य तय करने के बाद आपको लोकेशन तय करनी होती हैं.   

मेडिकल स्टोर के लिए जगह चुने:

एक फोर्मेसी स्टोर की सफलता के पीछे लोकेशन का रोल होता हैं. अगर आपने किसी एसी लोकेशन अपर दुकान स्टार्ट की जहाँ लोग मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए आते जाते हैं तो आपको फायदा हो सकता हैं.

अगर आपकी दुकान किसी हॉस्पिटल या डॉक्टर के क्लिनिक के पास हैं तो आपको बहुत ज्यादा फायदा हो सकता हैं. गाँव या बस्तियों में बहुत कम मेडिकल स्टोर होते हैं, तो एक जनरल मेडिकल स्टोर को शुरू कर सकते हैं. दुकान के लिए जगह किराये या खुद की कोई लोकेशन खरीद सकते हैं. दुकान के साथ आपको सेल्स अग्रीमेंट या रेंट डीड की जरुरत होगी. यह एक क़ानूनी प्रक्रिया हैं.

लोकेशन तय करने के बाद आपको दुकान में फर्नीचर सेट करवाना होता हैं.

मेडिकल स्टोर रजिस्टर करवाए(एलिजिबिलिटी फॉर मेडिकल स्टोर लाइसेंस):

एलिजिबिलिटी फॉर मेडिकल स्टोर लाइसेंस – दुकान का लोकेशन चुनने के बाद आपको मेडिकल शॉप का रजिस्टर करवाना होता हैं. मेडिकल स्टोर का रजिस्ट्रेशन भारतीय फार्मेसी अधिनियम, 1948 के द्वारा करवाया जाता हैं. मेडिकल स्टोर के लिए आपको स्टेट फोर्मेसी काउंसलिंग में रजिस्टर करवाना होता हैं.

भारतीय फार्मेसी अधिनियम के अनुसार आपको स्टेट गवर्नमेंट के सामने अपने सभी सर्टिफिकेट को रखना होता हैं. एक बार जब आप लाइसेंस के लिए रजिस्टर कर देते हैं तो न्यायालय से फैसला मिलने पर आपका शॉप लाइसेंस रजिस्टर हो जाता हैं.

नोट -: यहाँ आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देना चाहूँगा की अगर आप किसी एक स्टेट की डिग्री से दुसरे स्टेट में मेडिकल शॉप खोलना चाहते हैं तो अपने मुख्य(पूर्व) स्टेट लाइसेंस को छोड़ना होगा और नए स्टेट काउंसलिंग में रजिस्टर करवाना होगा.

 मेडिकल स्टोर के लिए ट्रेड लाइसेंस बनवाये:

यह पूरी तरह से आप पर हैं की आप कितना निवेश कर रहे हैं. आप अपने निवेश के अनुसार ट्रेड लाइसेंस बनवाये. अगर आपका निवेश बहुत बड़ा हैं तो आप एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्टर भी करवा सकते हैं. इसी लाइसेंस में आपको तय करना होता की आपकी दुकान पार्टनरशिप में हैं या पूर्ण स्वामित्व वाली हैं.

बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करे – Business registration kaise kare

 मेडिकल स्टोर के लिए टेक्स या जीएसटी का रजिस्ट्रेशन करवाए:

चाहे मेडिकल स्टोर हो या कोई दूसरी बिजेनस यूनिट, गुड्स एंड सर्विस टैक्स(gst) का रजिस्ट्रेशन करवाना होता हैं. अगर टर्न ओवर 20 लाख से ज्यादा हैं तो gst रजिस्ट्रेशन करवाना होता हैं.

ड्रग लाइसेंस का रजिस्टर करवाएं:

चाहे छोटी मेडिकल शॉप हो या बड़ी ड्रग लाइसेंस आवश्यक हैं. ड्रग लाइसेंस के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन(सीडीएससीओ) और राज्य औषधि मानक नियंत्रण संगठन से ड्रग लाइसेंस की आवश्यकता होती हैं. ये संघठन दो तरह के लाइसेंस का रजिस्टर करती हैं.

रिटेल ड्रग लाइसेंस: यह लाइसेंस केवल उन व्यक्ति के नाम पर बनाया जाता हैं, जिन्होंने फोर्मेसी की डिग्री या डिप्लोमा कर रखी हैं.

थोक दवा लाइसेंस: जो दवाइयों का होलसेल बिजनेस करना चाहते हैं, उनको यह लाइसेंस आसानी से मिल जाता हैं, इसके लिए कोई विशेष नियम और कानून नहीं हैं.

रिटेल शॉप के लिए 10 वर्ग मीटर और थोक लाइसेंस के लिए 15 वर्ग मीटर जगह की जरुरत होती हैं. इसके अलावा शॉप में एक रेफ्रिजरेटर होना चाहिए, जहाँ टिके और इन्सुलिन को ठन्डे में रखा जा सकता हैं.

ड्रग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स: ड्रग लाइसेंस के लिए आपको हर तरह के डॉक्यूमेंट को शामिल करने होते हैं. हालाँकि हर स्टेट के लिए ये अलग अलग होते हैं.

 आवेदन फार्म,

आवेदक के नाम और पदनाम के साथ कवर लैटर,

ड्रग लाइसेंस का चार्ज,

घोषणा पत्र,

साईट का मैप(लोकेशन), किराए की संपत्ति के मामले में अग्रीमेंट

ओनरशिप जैसे – पार्टनर शिप हैं तो उसका अग्रीमेंट.  

 पंजीकृत फार्मासिस्ट या सक्षम व्यक्ति की गवाही

डाक्यूमेंट्स हर स्टेट के लिए अलग अलग होते हैं इसलिए आप अपने स्टेट की ड्रग लाइसेंस की ऑफिसियल वेबसाइट से जानकारी निकाल सकते हैं.

मेडिकल स्टोर शुरू करे

सभी लाइसेंस मिल जाने के बाद आप अपनी मेडिकल की दुकान शुरू कर सकते हैं. अपने निकट के ग्राहकों की जरुरत के अनुसार मेडिकल शॉप में सामन भरे और दुकान की शुरुआत करें.

मेडिकल स्टोर खोलने की लागत:

एक बेसिक मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए कम से कम दो तीन लाख का निवेश करना होगा. नहीं तो आपकी दुकान खाली लगेगी. दुकान में वहीँ सामान या दवाइयों को भरे जिसकी डिमांड रहती हैं. धीरे धीरे अपने निवेश को बढ़ाते जाएँ. और अपनी आय को भी डबल करते जाए.

मेडिकल दुकान की मार्केटिंग करे:

अगर मेडिकल स्टोर किसी हॉस्पिटल के पास हैं तो आपको आराम से ग्राहक मिल जायेंगे, नहीं तो आप डॉक्टर्स से टाई अप कर सकते हैं. इसके लिए आप उनको कुछ कमिशन दे सकते हैं.

अगर गाँव में हैं तो अपने हिसाब से मेडिकल की मार्केटिंग करें. एक सोशल पेज बनाये और लोगों को जागरूक करते रहे, और अपने ब्रांडिंग का प्रचार करते रहे. इस बात का ध्यान रखे की आपके दुकान का नाम बहुत आइकोनिक होना चाहिए.  

 मेडिकल स्टोर से कितना कमा सकते हैं(medical store business profit margin in hindi)

medical store business profit margin in hindi – मेडिकल स्टोर से बहुत अच्छी कमाई की जा सकती हैं. कुछ दवाइयों पर 20 प्रतिशत कमाया जा सकता हैं. जबकि कुछ दुर्लभ दवाइयों जैसे कैंसर की दवाइयों पर 80 प्रतिशत भी कमाया जा सकता हैं.

मेडिकल स्टोर कैसे खोले FAQ

medical kholne ke liye kya kare?

मेडिकल शॉप के लिए सभी प्रकार एक लाइसेंस एकत्र करें. एक मेडिकल दुकान शुरू करने के लिए कम से कम 10 वर्ग मीटर की जरुरत होती हैं.  एक होलसेल मेडिकल दुकान के लिए कम से कम 15 वर्ग मीटर की जरुरत होती हैं. इसके साथ आपके पास एक एक रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर होना चाहिए.

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए ?

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए डी-फार्मा, एम-फार्मा या बी-फार्मा तीनों में से एक कोर्स करना होगा.

ऑनलाइन मेडिकल शॉप कैसे खोले:

आजकल ऑनलाइन ट्रेंड बढ़ रहा हैं, लोग सेफ्टी के लिए अपने घर से दवाइयों का आर्डर दे रहे हैं. ओवर द काउंटर लोग कोई भी दवाई गुप्त रूप से मंगवा सकते हैं. कोई भी मेडिकल स्टोर जो ऑनलाइन दवाइयां बेचता हैं उसको कुछ क़ानूनी प्रक्रियाओं को फॉलो करना होता हैं.

 सबसे पहले कोई भी ऑनलाइन स्टोर जिसके पास जिस ड्रग का लाइसेंस हैं, वह केवल उसकी ही सप्लाई कर सकती हैं. केवल उसी स्टेट में ऑनलाइन दवाइयों की सप्लाई करे जिसका आपको लाइसेंस प्राप्त हैं.

आपने क्या सीखा “medical shop kaise khole”

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4 thoughts on “Medical Store Kaise Khole – मेडिकल स्टोर कैसे खोले 70 80 प्रतिशत मार्जिन कमाए”

  1. क्या किसी दूसरे प्रान्त में भी खोल सकते मेडिकल स्टोर।

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  2. Maine PCM se 12th paas kiya hai,,or mai apna khudka medical store kholna chahta hu, 1 se 1.5 saal ke andar ,jaroori guidence kya hongi. Plz btayain.

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