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Medicine Wholesale Business Plan in Hindi – मेडिसिन होलसेल बिज़नेस प्लान इन हिंदी

Medicine Wholesale Business Plan(मेडिसिन होलसेल बिज़नेस प्लान) – दोस्तों कुछ लोगों का सवाल रहता हैं कि बिना डिग्री के मेडिकल स्टोर कैसे खोलें?. तो मैं उनसे कहना चाहूँगा कि बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर खोला जा सकता हैं. कोई ऐसा व्यक्ति जिसके पास फोर्मेसी का लाइसेंस हो तो आप बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं. दूसरा तरीका क्यों न आप मेडिसिन होलसेल बिज़नेस शुरू कर दे.

अगर आप मेडिकल का होलसेल बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो यहाँ मैं आपको Medicine Wholesale Business Plan in Hindi के बारें में सम्पूर्ण जानकारी दूंगा.

तो चलिए जानते हैं कि Medicine Wholesale Business का Plan क्या होता हैं. किस तरह एक नया मेडिकल होलसेल बिजनेस शुरू किया जाता हैं?

Medicine Wholesale Business Plan in hindi – मेडिसिन होलसेल बिज़नेस

भारत देश में अलग अलग अलग प्रकार के मेडिकल स्टोर चलते हैं. जैसे – स्टैंड अलोन, चैन फोर्मेसी, टाउनशिप फोर्मेसी और हॉस्पिटल मेडिकल स्टोर. इन सभी स्टोरस को अपने दुकान पर माल होलसेलर सप्लाई करते हैं.

होलसेलर अपने माल को एक रिटेलर की तरह नहीं बेचता हैं, वह अपना माल बल्क(थोक) में बेचता हैं. इसे ही मेडिकल का थोक बिजनेस कहते हैं. अगर किसी को मेडिकल का होलसेल बिजनेस शुरू करना हैं तो इस पोस्ट में, मैं आपको कुछ स्टेप्स और जानकारी दूंगा. इस जानकारी को पढ़कर आप मेडिकल के होलसेल बिजनेस प्लान को अच्छी तरह से समझ पाएंगे.

 होलसेल मेडिकल के लिए क़ानूनी प्रक्रिया

वैसे मैंने अपनी पिछली पोस्ट में विस्तार से बताया की किस तरह कोई अपना खुद का मेडिकल स्टोर शुरू कर सकता हैं. वहां मैंने आपको यह भी बताया था की मेडिसिन होलसेल लाइसेंस के लिए कौनसे डाक्यूमेंट्स लगते हैं. फिर भी हम आपको यहाँ उसकी जानकारी देने वाले हैं.

थोक फार्मेसी या मेडिसिन होलसेल शुरू करने की कानूनी प्रक्रिया बहुत आसान हैं. होलसेल मेडिकल लाइसेंस लेने के लिए आपके पास फोर्मेसी की कोई डिप्लोमा डिग्री होनी चाहिए. अगर आपके पास डिग्री नहीं हैं तो साइंस बैकग्राउंड से ग्रेजुएट होना चाहिए. लेकिन यदि आप साइंस बैकग्राउंड से भी नहीं हो तो आपको मेडिकल में दवाइयों बेचने का अनुभव चाहिए.

इसके बारें और अधिक जानकरी आप अपने जिले के ड्रग इंस्पेक्टर से ले सकते हैं. अगर आप एक बेहतर तरीके से ड्रग इंस्पेक्टर से बात करते हैं तो आपको होलसेल बिजनेस में काफी आसानी हो सकती हैं.

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 (1945 में संशोधित) भारत में दवाओं के आयात, निर्माण और वितरण के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation) या राज्य औषधि मानक नियंत्रण निकाय से लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होती है.

मेडिसिन होलसेल स्टोर के लिए जगह

जिस क्षेत्र में फार्मेसी या मेडिसिन होलसेल शुरू किया जाना हैं, वहां कम से कम 15 वर्ग मीटर की जगह जरूर होनी चाहिए. जगह और लोकेशन का प्रमाण आपको लाइसेंस के साथ प्रस्तुतु करना होता हैं.

कुछ दवाएं जैसे टीकों, सीरा, इंसुलिन, इंजेक्शन आदि नोर्मल वातावरण में रिएक्शन कर लेते हैं.  इसलिए मेडिकल का होलसेल शुरू करने से पहले एक बेहतर तरीके से स्टोर का बंदोबस्त कर लेना चाहिए.

सरकारी नीतियों से जुड़ना

आप एक होलसेल के विक्रेता बनने जा रहे हो, तो आपको यह तो जरूर पता होगा कि कौनसी दवाई कितनी लागत में बनती हैं. इसलिए सरकार चाहती हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा कम दरों में लोगों तक मेडिसिन पहुंचाए. इसीलिए सरकार कम दरों के लिए कोई न कोई योजना चलाती हैं.

उदाहरण के लिए -: प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य लोगों को जेनेरिक या सस्ती चिकित्सा दवाएं उपलब्ध कराना है.

 ड्रग डीलिंग के बारें में जागरूकता

भारत में, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट (1948) की अनुसूची बी (rule 98) के अनुसार दवाओं के ‘शेल्फ-लाइफ’ लगभग 1 से 5 साल तक होता हैं. एक्सपायरी के बाद मेडिसिन का  फॉर्मूलेशन ख़त्म हो जाता हैं, और वह मेडिसिन किसी काम की नहीं रहती हैं. इस तरह की मेडिसिन जहर बन जाती हैं.

तो जिसनें भी नया फार्मासिस्ट या मेडिकल होलसेल का नया बिजनेस शुरू किया हो उनको दवाइयों की एक्सपायरी के बारें में सतर्क रहना चाहिए. अपने पोर्टफोलियों को अपडेट करते रहना चाहिए. एक्सपायरी दवाइयों को बाहर निकालते रहना चाहिए. 

मेडिसिन होलसेल लाइसेंस कैसे बनता है?

एक बार जब आप मेडिसिन का होलसेल शुरू करने के लिए तैयार हो जाते हैं तो आपको होलसेल मेडिसिन लाइसेंस की जरुरत पड़ती हैं. इस लाइसेंस को बनवाने एक लिए आपको कुछ फिक्स फीस देनी होती हैं. यह लाइसेंस आप केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation) या स्टेट की मेडिसिन काउंसलिंग से ले सकते हैं.

होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज-

सही सलीके से जमा हुआ, एप्लीकेशन फॉर्म,

आवेदक का नाम, उपनाम, उसके sign, मेडिकल होलसेल खोलने का उद्देश्य पत्र,

ड्रग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जमा किए गए शुल्क का चालान,

घोषणा पत्र,

लोकेशन का साईट मेप (ब्लूप्रिंट),

लोकेशन का अग्रीमेंट(किराये पर होने की स्थिति में)

व्यवसाय के गठन का प्रमाण (निगमन प्रमाणपत्र/एमओए/एओए/साझेदारी विलेख)

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत प्रोपराइटर / पार्टनर्स / पुलिस वेरिफिकेशन

पंजीकृत फार्मासिस्ट या पूर्णकालिक काम करने वाले सक्षम व्यक्ति का शपथ पत्र

क़ानूनी बंधन यही ख़त्म नहीं होते हैं, आप हमेशा ड्रग इंस्पेक्टर की नज़र एम् रहते हैं, वह आप पर कभी भी एक्शन ले सकता हैं.

मेडिकल का होलसेल सीडीएससीओ की देखरेख में रहता है, जिसकी अध्यक्षता ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया करते हैं। इसका काम सभी  लोकल रिटेलर या थोक फार्मेसियों के लिए दवाओं की बिक्री, भंडारण और प्रदर्शन के मानकों को बैलेंस रखती हैं.

होलसेल मेडिकल स्टोर शुरू करने में कितना खर्चा आता हैं

होलसेल मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए कम से कम 50 लाख निवेश की जरुरत होती हैं. आगे मैं आपको एक ऐसी तरकीब बताऊंगा जिससे आप चाहे तो कम निवेश में मेडिसिन होलसेल को शुरू कर सकते हैं.

यह निवेश बहुत अधिक हो सकता हैं. लेकिन अगर इस निवेश के साथ आप होलसेल बिजनेस को शुरू करते हैं तो आपका दस पंद्रह कंपनियों का अच्छा पोर्टफोलियो बन जायेगा, और आपको मार्केटिंग में आसानी रहेगी.

इस निवेश के साथ होलसेल के लिए दवाएं खरीद सकते हैं. अपने होलसेल शॉप में कर्मचारी को रख सकते हैं.

 लाइसेंस का खर्चा :- लगभग 25OOO इसमें रजिस्ट्रेशन का 3000 शामिल हैं.  

फर्नीचर :- अलमारियां फर्नीचर सहित, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर 2 लाख तक जोड़ सकते हैं.

कंप्यूटर सिस्टम :- 30,000 रुपये

किराये पर ली गयी जगह :- अडवांस सहित डेढ़ लाख

कर्मचारी का खर्चा :–  4 से 5 कर्मचारी(5*15000 = 75000 लगभग)  

 दवाइयों का थोक खरीदने में खर्चा :- 35 से 40 लाख.

आप निवेश कुछ अधिक लग सकता हैं, लेकिन जब आप दवाइयों को रिटेलर तक पहुंचाएंगे तब आपका पैसा 45 दिनों से लेकर 60 दिनों तक आपका पैसा मार्किट में घूमता रहेगा. अगर फिगर में बात करें तो 20 से तीस लाख का पैसा मार्किट में घूमता रहता हैं.

मेडिसिन होलेसेल का सामान कहाँ पर बेचे

स्थानीय क्लीनिकों, शहर के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ साथ रिटेलर को अपने होलेसेल का सामान बेचे. यहाँ दो तरीकों से सप्लाई हो सकती हैं. पहला की रिटेलर या डॉक्टर टीम खुद आकर अपना सामान लेकर जाये, दूसरा कि होलसेल विक्रेता खुद अपने कुछ कर्मचारियों को नियुक्त करें.

जब कोई होलसेल मौजूदा मेडिकल स्टोर्स के साथ डील करता हैं तो उसको बहुत फायदे मंद हो सकता हैं. कंपनी के बयान पर होलसेल की तरफ से रिटेलर को कई ऑफ़र दिए जाते हैं.

इसके साथ आपको अपने आयातित कंपनी के पोर्टफोलियों को इस तरह बनाये की आपको ध्यान रहे कि किस स्थान पर लोग सस्ती दवाइयों को खरीदना पसंद करते हैं. दूसरा आपको यह भी मालूम होना चाहिए की कोंनसे स्थान पर लोग डिस्काउंट को ज्यादा पसदं करते हैं.

टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोग सस्ती दवाइयों को खरीदना पसंद करते हैं, जबकि महानगरों में लोग गुणवता से समझौता नहीं करते हैं. ये कुछ मार्केटिंग के सायकोलोजिक पॉइंट्स हैं, जो आपके मेडिकल के होलसेल बिजनेस में चार चाँद लगा देंगे.

उदाहरण के लिए, यदि रैनबैक्सी की दवाएं किसी क्षेत्र में फार्मेसियों में अधिक लोकप्रिय हैं, लेकिन सिप्ला सस्ती कीमत पर समान दवाएं बनाती है. तो रिटेलर को सिप्ला को बेचने में आसानी रहेगी.

मेडिकल स्टोर के अलावा आप किसी क्लिनिक से या हॉस्पिटल से डील कर सकते हैं. एक बार नाम बनने के बाद आपका बिजनेस बढ़ता जायेगा.

अगर आप इन नितियों के तहत कोई काम करते हैं तो आपके ब्रांड में और निखार आता हैं.  

होलसेल से कितना कमाया जा सकता हैं

होलसेल में कमाई फिक्स प्रतिशत पर होती हैं. अधिकतर होलसेल विक्रेता 10 प्रतिशत तक मार्जिन कमाते हैं. लेकिन कुछ दवाओं के मामलों में यह 40 प्रतिशत तक हो सकती हैं(बहुत कम दवाइयों में होता हैं). अगर कोई 50 लाख तक निवेश करता हैं तो उसको महीने में दो लाख तक मिल सकते हैं. इसी कमी से आपको अपने कर्मचारी स्टाप को भी चुकाना होता हैं.

जब किसी का होलसेल बिजनेस बड़ा हो जाता हैं तो वह अंडरकटिंग से भी पैसे कमा सकता हैं.

आपके दिमाग में यह सवाल आया होगा की अंडर कटिंग क्या होती हैं?

आपके शहर या दूर इलाकें में जब कोई एक होलसेल स्टार्ट करना चाहता हैं, तो उसको दवाइयों को लाने के लिए कंपनी के पास जाना पड़ता हैं. ऐसे में अगर कोई कंपनी दवाई देने से इनकार कर दे तो वह पहले से स्थापित किसी होलसेल से दवाई ले सकती हैं. इसके लिए नए होलसेलर को पुराने होलसेलर को 2 प्रतिशत का कमिशन देना पड़ता हैं.

तो इस तरह से भी होलसेल वाले कमाई कर सकते हैं.

तो, अब अप सभी पॉइंट्स को समझ गए होंगे कि what is Medicine Wholesale Business Plan in Hindi?

आपने क्या सीखा “Medicine Wholesale Business Plan in Hindi”

होलसेल मेडिकल स्टोर कैसे खोलें?, होलसेल मेडिकल स्टोर में कितना खर्चा आता हैं?, लाइसेंस कैसे बनता है? होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए क्या क्या लगता हैं?

और बिना डिग्री के मेडिकल होलसेल स्टोर कैसे खोलें? इन सभी विषयों पर चर्चा की हैं. अगर आपको किसी सवाल का जवाब चाहिए तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपने सवाल को लिखे.

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